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दरभंगा बाल सुधार गृह में बाल बंदी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, छह महीने में तीसरी घटना; उठे सवाल।

दरभंगा के बाल सुधार गृह में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक बाल बंदी ने शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के पैरा गांव निवासी सकलदेव दास के पुत्र भरत दास के रूप में हुई है। वह मोबाइल चोरी और आगजनी के एक मामले में दरभंगा बाल सुधार गृह में बंद था।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए स्थानीय लोगों के सहयोग से लहेरियासराय थाना क्षेत्र के सैदनगर में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

‘हमें न्याय चाहिए’
बताया जा रहा है कि यह पिछले छह महीने में तीसरा मामला है जब दरभंगा बाल सुधार गृह में किसी बाल बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। परिजनों ने बाल सुधार गृह प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह आत्महत्या नहीं, हत्या है। मृतक की चाची अनीता देवी ने कहा कि भरत को आगजनी और मोबाइल चोरी के झूठे मामले में फंसाया गया था। उसने मोबाइल थाना में जमा भी करा दिया था, फिर भी उसे सुधार गृह भेज दिया गया। अब उसकी हत्या कर दी गई है। हमें न्याय चाहिए।

जानकारी के अनुसार, 31 अगस्त 2025 की रात सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के मोहनपुर वार्ड संख्या 7 में आगजनी और मोबाइल छिनतई की घटना हुई थी। ग्रामीण पवन महतो की शिकायत पर पुलिस ने तीन युवकों सुशील दास उर्फ बिजली, रवि सदा और भरत दास को गिरफ्तार किया था। न्यायिक आदेश पर भरत को बाल सुधार गृह भेजा गया था।

बाथरूम में फंदे से लटका मिला बंदी
शुक्रवार रात भरत का शव बाल सुधार गृह के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। हालांकि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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