आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा श्री हिमांशु कुमार राय एवं जिलाधिकारी कौशल कुमार ने आज दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं,चिकित्सीय व्यवस्थाओं एवं संसाधनों की विस्तृत समीक्षा किए।
निरीक्षण के उपरांत अस्पताल प्रशासन,चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त महोदय ने डीएमसीएच की भूमि संबंधी जानकारी प्राप्त करते हुए संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु चाहरदीवारी निर्माण कराने का निर्देश भी दिया। ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कई निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने अस्पताल में संचालित बेडों की संख्या, इनडोर, आउटडोर एवं इमरजेंसी सेवाओं , साफ सफाई, पेयजल, भोजन के सम्बन्ध में फीडबैक लिए तथा कहा कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करें।
अधीक्षक ने बताया कि राशन कार्ड रहने पर आवश्यकता अनुसार सीटी स्कैन रोगियों को निःशुल्क किया जाता है, नहीं रहने पर 2200 रुपए मात्र से ली जाती है।
आयुक्त महोदय ने कहा कि डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है, इसलिए ससमय उपस्थित होकर स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन का अनुपालन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि मरीजों का बेहतर इलाज करें जिससे उन्हें रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़े। एक साल में रेफर किए गए मरीजों की संख्या का रिपोर्ट मांगा गया।
डीएमसीएच में स्वीकृत पदों एवं कार्यरत चिकित्सकों एवं कर्मियों की संख्या का प्रतिवेदन तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा।
डीएमसीएच परिसर में 1700 वेड का नया हॉस्पिटल बन रहा है जिस पर 1742 करोड रुपए के लागत आएगी। डीएमसीएच अधीक्षक ने बताया की प्रतिदिन 5000 मरीजों का इलाज किये जा रहै है। 900 बेड है ,वेडसीट धुलाई पटना में की जाती है। प्रतिदिन बेड साफ सुथरा लगाने का निर्देश दिया गया।
अस्पताल परिसर एवं वार्डों की साफ-सफाई पर विशेष बल देते हुए आयुक्त ने प्रतिदिन नियमित सफाई सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया तथा कहा कि 15 दिनों के अंतरालपर रोगी कल्याण समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित करें।
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने निरीक्षण के दौरान बेडशीट की साफ-सफाई एवं नियमित बदलाव की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि प्रतिदिन बेडशीट नहीं बदली जाती तथा पर्याप्त साफ-सफाई नहीं रहती है। इस पर संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन बेडशीट बदलने एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में ऑक्सीजन पाइपलाइन व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि सर्जिकल भवन में दो ऑक्सीजन पाइपलाइन संचालित हैं। वेंटिलेटर की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में आठ वेंटिलेटर संचालित हैं। बताया गया कि डीएमसी एच में कुल सात लिफ्ट है जिसमें 6 चालू है।
दवा उपलब्धता की समीक्षा में जानकारी दी गई कि कुल 612 प्रकार की दवाओं में से 308 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। इस पर आयुक्त महोदय ने सभी आवश्यक एवं जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रोगी को बाहर से दवा खरीदने की स्थिति नहीं हो, नहीं तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध हैं। आयुक्त ने दवा वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने पर बल देते हुए कहा कि मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए। उन्होंने मेडिकल स्टोर की जांच के लिए कमेटी गठित करने एवं अधीक्षक को नियमित निरीक्षण का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान चिकित्सकों ने एनेस्थीसिया एवं रेडियोलॉजी विभाग में चिकित्सकों की कमी की जानकारी दी। साथ ही अस्पताल के लिए नए इंस्ट्रूमेंट की आवश्यकता संबंधी प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया।
आयुक्त ने अस्पताल परिसर एवं वार्डों में पर्याप्त संख्या में साइनेज लगाने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को विभिन्न विभागों तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आयुक्त महोदय ने कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए तथा अस्पताल से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। चिकित्सकों ने इमरजेंसी विभाग में सीटी स्कैन मशीन की आवश्यकता का सुझाव भी दिया। साथ ही जानकारी दी गई कि ट्रॉमा सेंटर में वर्तमान में 8 बेड उपलब्ध हैं।
आयुक्त महोदय ने दवाओं के सुरक्षित रखरखाव एवं समुचित वितरण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने हेतु पूरी तत्परता से कार्य करे।
बैठक में डॉ. उमेश चंद्र झा, डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. जगदीश चंद्रा, श्री सत्येंद्र प्रसाद उप निदेशक जन सम्पर्क, डॉ.सच्चिदानंद सिंह, डॉ. सरोज कुमार, डॉ. अरुण कुमार, क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी आकाश ऐश्वर्य, डॉ. संजय कुमार झा, डॉ. हरी दामोदर सिंह, डॉ. सुरेन्द्र कुमार, डॉ. अमित कुमार झा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित थे।




