Featured

बेगूसराय : इलाज छोड़ अंधविश्वास में उलझे परिजन, करंट से गई फल विक्रेता की जान।

बेगूसराय में एक बार फिर अंधविश्वास के कारण एक कीमती जान चली गई। शनिवार सुबह रतनपुर थाना क्षेत्र के पीपारा मोहल्ला निवासी 40 वर्षीय सुनील कुमार की करंट लगने से मौत हो गई। सुनील जीडी कॉलेज के पास फल का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। रोज की तरह वह दुकान पर पहुंचा ही था कि अचानक बिजली के करंट की चपेट में आकर जमीन पर गिर पड़ा और तड़पने लगा।

मौके पर मौजूद लोग और परिजन मदद के लिए दौड़े, लेकिन अस्पताल ले जाने की बजाय उन्होंने अंधविश्वास का सहारा लिया। शरीर पर आटा मलने और हाथ-पांव पर बेलन फेरने जैसी देसी जुगाड़ से उसे जीवित करने की कोशिश की गई। यह क्रम घंटों तक चलता रहा। लोगों का मानना था कि इस तरीके से उसकी सांसें लौट आएंगी।

कीमती समय इलाज पर खर्च होने के बजाय अंधविश्वास में गंवाया गया। आखिरकार जब हालात बिगड़ गए तो सुनील को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुनील अपने परिवार का इकलौता सहारा था। फल बेचकर ही वह परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बेगूसराय में यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ महीने पहले भी करंट से हुई मौत के बाद परिजनों ने शरीर पर आटा मलने और बेलन फेरने का अंधविश्वासी तरीका अपनाया था, लेकिन तब भी जिंदगी नहीं बचाई जा सकी थी। यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि वैज्ञानिक युग में भी लोग जीवन रक्षक इलाज की जगह अंधविश्वास पर भरोसा क्यों कर बैठते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *