पेयजल- बिजली संकट ने बढ़ाया दर्द आवास योजना में बिचाैलियों का खेल।
पेयजल- बिजली संकट ने बढ़ाया दर्द आवास योजना में बिचाैलियों का खेल मधुबनी । नगर निगम के वार्ड-27 के सप्ता अहमदनगर, खरौरी टोल और अन्य इलाकों में लोग बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। इन मोहल्ले के 600 से अधिक परिवार पेयजल संकट ने परेशान हैं। मोहल्ले में बोरिंग तो कराई गई, लेकिन पाइपलाइन बिछाने का कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ। इसके कारण कई परिवार पड़ोसियों से पानी लेकर गुजारा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह योजना पहले पंचायत के तहत थी और पाइपलाइन बिछाने के नाम पर लाखों रुपये की निकासी कर ली गई। निगम क्षेत्र में आने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लोगों का सवाल है कि अवैध निकासी करने वालों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और राशि की रिकवरी क्यों नहीं की गई। आवास योजना में चयनित लाभार्थियों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मोहल्ले में घूम रहे बिचौलिये एलपीसी और अन्य कागजात के नाम पर 15 से 20 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। इसतहर कई मामलों में प्रथम किस्त के 40 से 45 हजार रुपये वसूली होने की बात भी सामने आ रही है। इससे गरीब परिवारों पर दोहरी मार पड़ रही है। पहले कागज बनाने के लिए महाजन से कर्ज लेना और फिर भी लाभ से वंचित रहना। जलजमाव भी यहां की एक गंभीर समस्या है।
मो. खुर्शीद के घर से लेकर मो. जिलानी के घर होते हुए मो. दाऊद, मो. बुधन, मो. नजीर व मो. साबिर के घर होते हुए मुख्य सड़क तक गली में हमेशा गंदा पानी जमा रहता है। नालियों की सफाई और सड़क की मरम्मत न होने से हालात बदतर हो गए हैं। 5-6 घंटे ही मिलती है बिजली: बिजली की कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। 24 घंटे में मुश्किल से 5 से 6 घंटे ही बिजली आती है। गर्मी में बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते, खाना बनाने में दिक्कत होती है और शाम को अंधेरे में लोग परेशान रहते हैं। वार्ड पार्षद इंजीनियर रंजीत साफी का कहना है कि निगम प्रशासन को लगातार अवगत कराया जा रहा है।
कुछ स्थानों पर सड़क और नाला निर्माण कार्य शुरू हुआ है और अन्य जगहों पर भी जल्द कार्य होगा। उन्होंने माना कि आवास योजना में एलपीसी अनिवार्य होने से समस्या बढ़ी है, लेकिन प्रयास जारी हैं। जलजमाव से परेशानी: इन मोहल्ले में पेयजल के लिए लोग दर-दर भटक रहे हैं। पंचायत स्तर पर बोरिंग होने के बावजूद पाइपलाइन नहीं बिछाई गई, जिससे 600 से अधिक परिवार पानी के लिए पड़ोसियों पर निर्भर हैं।
वहीं, जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से मोहल्ले की कई गलियों में गंदा पानी महीनों तक जमा रहता है। इसीतरह से मोहल्ले के अधिकतर गलियों में हमेशा नाले का गंदा पानी जमा रहता है। इन क्षेत्रों में नाला का निर्माण नहीं हो रहा है। जहां नाला है, उसकी सफाई नहीं हो रही है। योजनाओं के नाम पर राशि का बंदरबांट: आवास योजना में चयनित लाभार्थियों से बिचौलिये खुलेआम पैसों की मांग कर रहे हैं। एलपीसी और अन्य कागजात के नाम पर 15 से 20 हजार रुपये और प्रथम किस्त के लिए भी 15 से 20 हजार रुपये तक की वसूली की जा रही है।
गरीब परिवार महाजन से कर्ज लेकर भी लाभ नहीं पा रहे हैं। कई लोग कागज बनवाने में 3-5 हजार रुपये खर्च कर चुके हैं। और अब ये परिवारों को योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है और महाजन का तकादा अलग से परेशान कर रहा है। नियमित सफाई का अभाव: वार्ड-27 में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
नियमित सफाई नहीं होने से परेशानी बढ़ गई है। दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण शाम के समय बिजली गायब हो जाने से अंधेरा छा जाता है। गर्मी में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, खाना बनाने में मुश्किल होती है और बुजुर्गों व बीमारों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। रुही परवीन व फिरदौस बेगम समेत अन्य स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली आपूर्ति के लिए लगातार शिकायत की जा रही है। पर सुनने वाला कोई नहीं है।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि मोहल्ले की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया और जल्द सुधार की दिशा में पहल नहीं हुआ तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इनकी मांग है कि निगम के अधिकारी इलाके का जायजा लें और सुविधाएं बहाल करें। योजनाओं में लापरवाही व बिचाैलियों पर सख्त कार्रवाई करें। -बोले जिम्मेदार- ये भी पढ़ें: बिहार में सड़क पर सांड का उत्पात, हमले में बुजुर्ग महिला की गई जान; दो बाइक सवार जख्मी यहां पंचायत के स्तर पर नल जल का काम हुआ था।
बोरिंग लगाया गया है, लेकिन पाइपलाइन नहीं लगा है। पाइपलाइन के लिए सर्वे का काम कर यहां पर घरों में कनेक्शन के लिए काम किया जा रहा है। पाइपलाइन और नाला निर्माण को लेकर काम हाेने से जलजमाव व पेयजल की समस्या दूर होगी। अन्य समस्याओं के लिए भी लगातार मॉनिटिरिंग की जा रही है। जो भी समस्याएं है उनको दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। -मो. अदनान, टाउन प्लानर यहां की सबसे बड़ी समस्या बुनियादी सुविधाओं की अनुपलब्धता है।
लोग पीने का पानी तक खरीदने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी पाइपलाइन का काम अधूरा पड़ा है। आवास योजना के लाभार्थियों से खुलेआम पैसों की वसूली हो रही है, यह गरीब परिवारों के साथ सीधा अन्याय है। बिजली कटौती से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। योजनाओं में भ्रष्टाचार है। बिचाैलिए सक्रिय हैं। किसी भी योजना का लाभ बिना रिश्वत दिए सीधे लोगों तक नहीं पहुंचता। इसकी जांच होनी चाहिए।
