Featured

दरभंगा में 16 लाख का रैन बसेरा बनाया, अब हटाया:शास्त्री चौक प्रशासन ने खुद के अवैध निर्माण पर चलाया बुलडोजर।

दरभंगा शहर के शास्त्री चौक पर गुरुवार को जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रशासन ने करीब 5 साल पहले 16 लाख बनाए गए खुद के रैन बसेरा को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। प्रशासनिक कार्रवाई के समय कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया, लोग अपना सामान हटाते नजर आए।

रैन बसेरा के आसपास जो लोग सरकारी जमीन को अतिक्रमित कर झुग्गी बनाकर रह रहे थे, उनके झुग्गियों को भी हटाया गया।

जेसीबी से डिमोलिशन ड्राइव चलाती नगर निगम की टीम।
प्रशासन ने कहा- रैन बसेरा पर कर लिया गया था अवैध कब्जा

प्रशासन का कहना है कि रैन बसेरा पर पिछले कुछ साल से अतिक्रमण कर लिया गया था। इसका सरकारी यूज नहीं हो पा रहा था। इस रैन बसेरा क साल 2020 में लगभग 16 लाख रुपए की लागत से नगर निगम ने बनवाया था। उद्देश्य था कि रैन बसेरा को किराए पर देकर उसका उपयोग सार्वजनिक सुविधा के तौर पर किया जाए। लेकिन निर्माण के बाद से ही ये जगह बेकार पड़ी रही और बाद में कुछ लोगों ने इसे कब्जा कर निजी उपयोग में ले लिया।

गुरुवार को अतिक्रमण हटाने पहुंचे अधिकारियों की टीम के साथ बुलडोजर, ट्रैक्टर और मजदूरों की टोली भी थी। मौके पर रह रहे लोगों को पहले अपने सामान हटाने का मौका दिया गया और फिर जेसीबी से ढांचा ध्वस्त कर दिया गया।

स्थानीय निवासी सूरज कुमार ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार ने 16 लाख रुपए खर्च कर यहां रैन बसेरा बनाया था, लेकिन पांच साल में इसका कोई उपयोग नहीं किया गया। अब इसे फिर से तोड़ दिया गया। यह सरकारी पैसे की बर्बादी है।

 

झोपड़ियों को जेसीबी की मदद से हटा दिया गया।
नाला निर्माण, सौंदर्यीकरण के लिए हटाया गया ढांचा

सूरज कुमार ने यह भी बताया कि अब यहां नाला निर्माण और सौंदर्यीकरण की योजना चलाई जा रही है, जिसके लिए यह ढांचा हटाया गया है। हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

स्थानीय लोगों में चर्चा है कि शास्त्री चौक और आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कार्य प्रस्तावित है, जिसमें सड़कों का चौड़ीकरण, नाले का निर्माण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाना है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से यह तो स्पष्ट हो गया है कि अब दरभंगा शहर में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया गया है, लेकिन साथ ही सरकारी संसाधनों के सही उपयोग और योजना के बाद निर्माण की आवश्यकता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *