अस्मिता पीछे के दरवाजे से बॉयफ्रेंड को बुलाती थी:हत्या के बाद इसी दरवाजे से बाहर निकाला, गांव वाले बोले- शर्मिंदगी में मां-बाप घर छोड़ गए।
समस्तीपुर में बच्चों के ट्यूशन टीचर से अवैध संबंध के लिए अस्मिता झा ने अपने पति सोनू झा की हत्या करवा दी। वो अपने प्रेमी हरिओम के साथ संबंध बना रही थी, तभी पति घर आ गया। उसने दोनों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया।
इसके बाद हरिओम और सोनू के बीच मारपीट हुई। सोनू नशे में था। इसका फायदा उठाते हुए प्रेमी ने केतली, लाठी-डंडे से पीट-पीटकर उसे अधमरा कर दिया। फिर बिजली के तार से उसका गला घोंटा। आखिर में सोनू की मौत को कन्फर्म करने के लिए करंट भी लगाया।’
पति की लाश कमरे में पड़ी रही। इस दौरान अस्मिता और हरिओम ने एक दूसरे के साथ फिजिकल संबंध भी बनाए। 4 घंटे तक दोनों साथ रहे। हत्या की गुत्थी खुलने के बाद अस्मिता अब जेल में है। वहां भी वो अपने बॉयफ्रेंड को याद करती है।
इस वारदात के बाद दैनिक भास्कर की टीम जब हरिओम के माता-पिता से उनका पक्ष जानने के लिए पहुंचे, तो घर में ताला लटका था। घर के बाहर गाय बंधी थी। तीन से चार लोग बाहर खड़े थे। जब उनसे पूछा गया कि हरिओम के माता-पिता कहां गए हैं, उनसे बातचीत करनी थी, तो उन्होंने बताया कि अब क्या जानना है आपको, सब तो सबको पता है। बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा तो उन्होंने नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर दोनों की पूरी कहानी बताई।
अस्मिता झा का आरोप था सोनू नशे की हालत में उसके साथ जबरन संबंध बनाता था।
नाम ना छापने की शर्त पर एक पड़ोसी ने बताया, ’सोनू झा का घर यहां से मात्र 100 मीटर की दूरी पर है। अगर आप पिछले दरवाजे से जाएंगे, तो आपको महज 50 मीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी, समझ लीजिए कि पड़ोसी।’
‘घर के नजदीक होने का ही अस्मिता झा फायदा उठाती थी। हरिओम झा पढ़ाई-लिखाई में तेज था, गांव में भी बच्चों को पढ़ाता था। सोनू के दोनों बच्चे स्कूल जाते थे। ऐसे में ट्यूशन के लिए एक साल पहले ही सोनू ने हरिओम को घर बुलाया था। बातचीत हुई तो हरिओम ट्यूशन पढ़ाने जाने लगा।’
गांव के लोगों का कहना है कि, ‘किस घर में पति-पत्नी के बीच लड़ाई-झगड़ा, मारपीट, नोकझोंक नहीं होती रहती है। सोनू और अस्मिता के बीच भी ऐसा था, लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि कोई महिला किसी दूसरे के साथ चली जाएगी, पति की गैर मौजूदगी में किसी गैर मर्द को घर बुलाने लगेगी, लेकिन अस्मिता ऐसा करने लगी थी।’
‘गांव के लोगों को इस बारे में पता चल गया था, सोनू और उसके पिता को भी इसकी जानकारी थी। गांव के लोगों ने एक तरफ हरिओम को समझाया, तो सोनू ने अपनी पत्नी को समझाया, लेकिन दोनों नहीं माने।’
‘गांव के लोगों को पता था कि सोनू लेट से घर आता है तो उससे पहले अस्मिता अपने प्रेमी हरिओम को घर बुलाती थी। चूंकि आगे के दरवाजे पर अस्मिता के ससुर सो जाते थे, इसका फायदा उठाते हुए अस्मिता अपने प्रेमी ट्यूशन टीचर हरिओम को पिछले दरवाजे से घर में बुला लेती थी।’
वहीं दूसरे पड़ोसी ने बताया, ‘एक बार तो सोनू झा के बेटे ने भी दोनों को साथ देखा था, तो उसने पिता को ये बताई थी। ये बातें सभी को पता है। जो कुछ हुआ है, वो बिल्कुल गलत है, ऐसा नहीं होना चाहिए था।’
‘अब सोचिए, अस्मिता ने कितने घर बर्बाद किए, खुद जेल चली गई, पति को मार डाला। दोनों बच्चे किसके पास रहेंगे? कौन उनकी जिम्मेदारी उठाएगा, सोनू का बुजुर्ग बाप? हरिओम ने जवानी में महिला के कहने पर उसके पति की हत्या कर दी।’
‘खुद फरार है, लाज-शर्म की वजह से आज पांच दिन से हरिओम के माता-पिता घर छोड़कर गायब हैं। कहां गए, किसी को नहीं पता, इस परिवार के भी बर्बाद होने की वजह कौन है?’
सोनू झा के पिता बोले- बहू की करतूत सुनी, तो शर्मिंदगी होने लगी
सोनू झा के पिता टुनटुन झा ने कहा, अभी तक कोई गिरफ्तार नहीं हुई है। पुलिस ने जो भी पूछताछ की और जो कुछ अस्मिता ने पुलिस को पूछताछ में बताया, उसे सुनकर मैं हैरान हो गया। मेरे बुढ़ापे का सहारा मेरा बेटा तो दुनिया से जा चुका था, बहू की करतूत सुनकर शर्मिंदगी महसूस होने लगी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या और कैसे रिएक्ट करूं।
सूनसान पड़ा आरोपी हरिओम झा का घर। उसके माता-पिता पिछले पांच दिनों से घर से गायब हैं।
खैर, मैंने खुद को संभाला और बेटे की लाश को लेकर अंतिम संस्कार के लिए लेकर चला गया। वहां से जब घर लौटा तो मुझे पता चला कि अस्मिता के पिता और मेरे समधी मेरे घर आए थे, वे मेरे पोता और पोती को लेकर अपने घर चले गए।
सोनू झा के पिता टूनटून झा ने कहा कि, मेरे बड़े बेटे मुकेश के बेटे अंश ने सोनू झा को मुखाग्नि दी है। मुकेश काम के सिलसिले में बाहर रहता है। वारदात की जानकारी के बाद मंगलवार को वो घर आया है।
मुकेश ने बातचीत में कहा कि, मैं अपने छोटे भाई को न्याय दिलाने के लिए किसी भी हद तक जाऊंगा। वहीं, समस्तीपुर के विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन भी टुनटुन जाकर घर पहुंच कर उन्हें सांत्वना दी। साथ ही इस मामले में आरोपी बनाए गए युवक को जल्द गिरफ्तार करने के लिए एसपी से बातचीत की।
सोनू झा के भतीजे ने मुखाग्नि दी है। चाचा के बारे में पूछने पर कुछ भी नहीं बोला, बस चुपचाप इधर-उधर देखने लगा।
सोनू झा के भतीजे ने मुखाग्नि दी है। चाचा के बारे में पूछने पर कुछ भी नहीं बोला, बस चुपचाप इधर-उधर देखने लगा।
रील्स बनाने की शौकीन थी अस्मिता झा, वीडियो बनाकर करती थी पोस्ट
मामला समस्तीपुर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लगुनिया रघुकंठ के गोरियारी वार्ड नंबर 46 का है। मृतक 30 साल का सोनू झा पेशे से ई-रिक्शा चालक था। 8 साल पहले यानी 2017 में सोनू की अस्मिता झा से शादी हुई थी।
दोनों दो बच्चों के माता-पिता थे। सोनू झा की पत्नी अस्मिता झा सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती थी। सोनू के साथ वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करती रहती थी। सोनू झा के इंस्टाग्राम को ही वो चलाती थी। उसने अपना कोई इंस्टाग्राम अकाउंट नहीं बनाया था।
पति की हत्या के बाद अस्मिता झा ने पुलिस को पूरी कहानी बताई। उसने बताया कि उस रात क्या क्या हुआ था।
अस्मिता ने बताया कि, ‘मैं अपने प्रेमी के साथ कमरे में थी। देर रात करीब डेढ़ बजे पति सोनू झा ई-रिक्शा लेकर नशे में घर आया। पति के आने की भनक मुझे और मेरे प्रेमी को नहीं लगी। कमरे में आते ही पति सोनू ने मुझे मेरे प्रेमी हरिओम के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया।’
‘इसके बाद पति ने मेरे प्रेमी से मारपीट शुरू कर दी। चूंकि पति नशे में था, इसका फायदा उठाते हुए प्रेमी ने केतली, लाठी-डंडे से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। फिर बिजली के तार से उसका गला घोंटा। आखिर में सोनू की मौत को कन्फर्म करने के लिए करंट भी लगाया।’
मामला समस्तीपुर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लगुनिया रघुकंठ के गोरियारी वार्ड नंबर 46 का है। मृतक 30 साल का सोनू झा पेशे से ई-रिक्शा चालक था। 8 साल पहले यानी 2017 में सोनू की अस्मिता झा से शादी हुई थी। दोनों दो बच्चों के माता-पिता थे।
वारदात के दौरान सोनू झा का चार साल का बेटा अपनी नानी के घर में था, जबकि बेटी दो दिन पहले ही नानी के घर से आई थी। शुक्रवार की रात हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद शनिवार की सुबह अस्मिता झा ने उठने के बाद शोर मचाना शुरू किया कि करंट लगने से सोनू की मौत हो गई। बेटी पहुंची तो कहा कि तुम्हारे पिता हम लोगों को छोड़कर चले गए।
पति सोनू झा का शव उसके घर के कमरे से बरामद किया गया।
पिता कमरे में पहुंचे, देखा- दीवार पर खून के छींटे थी, बिस्तर भी खून से सना था
मृतक सोनू झा के पिता टूनटून झा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया था, ‘जब बहू अस्मिता ने शोर मचाना शुरू किया, तो मैं कमरे में पहुंचा। देखा कि दीवार पर खून के छींटे हैं, बिस्तर भी खून से सना हुआ है। जमीन पर मेरे बेटे सोनू झा का शव पड़ा था, आंखें सूजी हुई थी, पीठ पर डंडे से पिटाई के 10 से 15 निशान थे।’
‘मुझे लग गया कि मेरे बेटे की हत्या की गई है। करंट से उसकी मौत नहीं हुई है। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अस्मिता झा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और बेटे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।’
टूनटून झा के मुताबिक, जब मैं कमरे में पहुंचा तो सोनू के शरीर पर सिर्फ अंडरगार्मेंट्स था। सिर पर पीछे से जख्म था। इसके अलावा बांए आंख से खून निकल रहा था। दोनों आंखें सूजी हुई थी। दाहिना हाथ टूटा हुआ था। सोनू के मुंह से खून निकल रहा था। गला घोटे जाने का निशान भी था। इसके साथ उसके बांये हाथ की तरहट्टी जली हुई थी। इसी जगह पर करंट लगाया गया था।
उधर, मौके पर मौजूद मुफ्फसिल थाना की पुलिस ने पड़ताल शुरू की। दोपहर बाद एएसपी संजय पांडे ने बताया,
सोनू झा के सिर और उंगली पर जख्म के निशान पाए गए हैं। घटनास्थल पर खून भी बिखरा पाया गया है। साथ ही बिजली का नंगा तार भी पाया गया है।
सोनू झा की हत्या की आरोपी उसकी पत्नी अस्मिता झा ने पुलिस को बताया कि मारपीट की घटना में उसके प्रेमी हरिओम को भी चोट लगी है। वारदात के बाद हरिओम फरार हो गया और किसी अस्पताल में वो अपना इलाज करा रहा है।
एक साल पहले से ट्यूशन पढ़ाने के लिए घर आता था हरिओम
सोनू के पिता टूनटून झा ने बताया, ‘मेरी पत्नी की मौत हो चुकी है। मेरे दो बेटे हैं। दोनों अलग-अलग रहते हैं। सोनू टोटो चलाता था और शराब पीने का आदि था। कई बार समझाने के बाद भी वो शराब नहीं छोड़ रहा था। इसी आदत के कारण सोनू और उसकी पत्नी अस्मिता के बीच झगड़ा भी होता था।’
‘अस्मिता अक्सर रूठकर अपने मायके चली जाती थी। कई बार पंचायत कर उसे वापस लाया। पोता चार साल का है, जबकि पोती की उम्र 6 साल है।’
टूनटून झा ने बताया, ‘एक साल पहले से आरोपी हरिओम झा पोता और पोती को ट्यूशन पढ़ाने घर आता था। चूंकि हरिओम दिन में आता था, सोनू घर पर नहीं रहता था। इसी दौरान अस्मिता और हरिओम के बीच अवैध संबंध बना।’
‘छह महीने पहले बेटे ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देखा था, जिसकी जानकारी उसने अपने पिता सोनू को दी थी। इसके बाद सोनू ने हरिओम और अपनी पत्नी को डांटा था और दोनों बच्चों का ट्यूशन बंद करा दिया था। घर की इज्जत बदनाम नहीं हो इसलिए पुलिस में शिकायत नहीं की। इसी का फायदा उठाकर बहू घर के पिछले दरवाजे से प्रेमी हरिओम को घर बुलाने लगी।’
10 दिन पहले दोनों बच्चों को अपने मायके रख आयी थी अस्मिता
सोनू के पिता ने बताया कि बहू अस्मिता ने 10 दिन पहले ही अपने दोनों बच्चों को मायके घटहो पहुंचा दिया था। वो इस दौरान देर रात तक अपने प्रेमी को घर बुलाती थी। मुझे आशंका है कि हत्या की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के लिए ही अस्मिता ने दोनों बच्चों को हटाया था। हालांकि, दो दिन पहले ही 6 साल की बेटी घर आ गई थी।
टूनटून झा ने बताया कि मैं घर के दरवाजे पर बने एक कमरे में सोता हूं। मेरे कमरे के बाद घर में घुसने के लिए एक ग्रिल लगा है, जिसकी चाबी बहू और बेटे के पास ही थी। देर रात आने पर सोनू खुद ही ग्रिल खोल कर अंदर चला जाता था।
