एक रूह कंपा देने वाली हत्या की वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों की गरिमा और मानसिक असंतुलन की खौफनाक परिणति को उजागर कर दिया। बेगूसराय ज़िले के तेघड़ा थाना क्षेत्र के कैंची मोड़ पर प्रह्लाद मांझी नामक एक युवक ने अपने ही सगे बहनोई लौंगी मांझी की कुदाल से निर्मम हत्या कर दी।
घटना रात के समय उस वक्त हुई जब दोनों साला-बहनोई एक ही कमरे में साथ सो रहे थे। अचानक प्रहलाद उठता है और कुदाल से अपने बहनोई के गले पर सीधा वार करता है, जिससे मौके पर ही बहनोई की मौत हो जाती है। मृतक लौंगी मांझी मोकामा का निवासी था और अपनी पत्नी, बच्चों व साले के साथ नानी के घर आया हुआ था।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की बड़ी साली अमली देवी ने बताया कि दोनों में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था, लेकिन उसका भाई मानसिक रूप से अस्वस्थ था। यह एक मौन खतरा था, जिसकी अनदेखी अब पूरे परिवार पर भारी पड़ गई।
पुलिस ने आरोपी साले को गिरफ्तार कर लिया है, और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है ताकि घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा सके। तेघड़ा डीएसपी रविंद्र मोहन प्रसाद ने पुष्टि करते हुए बताया कि हत्या में इस्तेमाल कुदाल जब्त कर ली गई है और मानसिक स्थिति की भी जांच की जाएगी।बहरहाल यह वारदात एक गंभीर सवाल छोड़ जाती है क्या हम मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को अनदेखा कर उन्हें खतरनाक बना रहे हैं? एक ओर कोई पूर्व झगड़ा नहीं, कोई आशंका नहीं, फिर भी एक निर्दोष की जान चली गई।





