Tuesday, April 21, 2026
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मंत्री की बैठक में गैरहाजिरी रहना पड़ा महंगा, बिहार के 52 अधिकारियों पर गिरी गाज।

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52 राजस्व अधिकारियों को नोटिस: मंत्री संजय सरावगी ने जिन 52 राजस्व अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है उसमें पांच अपर समाहर्ता, 15 डीसीएलआर और 32 सीओ शामिल हैं. मंत्री संजय सरागवी ने सात और आठ मई को दो चरणों में विभाग के कार्यों की प्रमंडलीय स्तर पर समीक्षा की थी, 52 अधिकारी शामिल नहीं हुए और अनुपस्थिति की पूर्व सूचना भी नहीं दी गई.

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पटना में राजस्व एवं भूमि सुधार के मंत्री संजय सरावगी 

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मंत्री का सख्त निर्देश: 7 और 8 मई को बैठक से गायब रहने वाले अधिकारियों को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने कहा है कि विभागीय कार्यों की समीक्षा में अनुपस्थित रहना प्रशासनिक अनुशासन के खिलाफ है. इससे विभाग के कार्य प्रभावित होते हैं. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अभी बैठकों में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें और किसी भी परिस्थिति में अनुपस्थिति की पूर्व सूचना दें.

अधिकारियों पर होगी कार्रवाई: मंत्री ने यह स्पष्ट किया है की इस कदम का उद्देश्य विभागीय कार्य कुशलता बढ़ाना और अधिकारियों के कर्तव्य पालन में अनुशासन सुनिश्चित करना है. साथ ही मंत्री ने कहा कि कारण बताओ नोटिस का जवाब न मिलने या संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है. जिससे विभाग में अनुशासन एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सके.

32 सीओ को भी नोटिस: पटना सिटी (पटना), विक्रमगंज (रोहतास), गायघाट (मुजफ्फरपुर), वैशाली एवं चेहरा कला (वैशाली), अरेराज, पहाड़पुर एवं संग्रामपुर (पूर्वी चंपारण), खरीक (भागलपुर), बरहट एवं बेलहर (बांका), पूर्णिया पूर्वी, डगरूआ (पूर्णिया), पलासी, सिकटी एवं नरपतगंज (अररिया), दंड खोड़ा, फलका, हसनगंज, कोड़ा एवं कदवा (कटिहार), जाले एवं बेनीपुर (दरभंगा) , बेलागंज (गया), मखदुमपुर (जहानाबाद), दिघवारा, बड़हरिया (सारण), मंझा (गोपालगंज), बलिया (बेगूसराय), बरहट (जमुई), बरबीघा एवं घाट कुशुम्भा (शेखपुरा), पीरो (भोजपुर) के अधिकारी शामिल हैं.

15 डीसीएलआर को नोटिस:बिहार शरीफ, राजगीर, हिलसा, औरंगाबाद, दाउदनगर, बेगूसराय, मंझौल, बखरी, पूर्णिया सदर, बनमनखी, धमदाहा, मनिहारी, मधेपुरा और उदाकिशुनगंज के डीसीएलआर शामिल है. इसके अलावा नालंदा, गोपालगंज, अररिया, बक्सर और पूर्वी चंपारण के अपर समाहर्ता को भी नोटिस भेजा गया है.

अंचल कार्यालय की जारी हो रही रैंकिंग: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा नियमित रूप से अंचल कार्यालयों से लेकर जिलों में किये जा रहे राजस्व कार्यों की समीक्षा की जा रही है. कार्य में सुधार को लेकर विभाग द्वारा राज्य के सभी 534 अंचल कार्यालयों की समीक्षा कर उनकी रैंकिंग भी जारी की जा रही है अभी एक दिन पहले विभाग ने में माह की रैंकिंग अंचल कार्यालय के कामकाज पर जारी की है.

फुल्लीडुमर अंचल कार्यालय पहले पायदान पर:मई माह की रैंकिंग में बांका का फुल्लीडुमर अंचल कार्यालय पहले स्थान पर है. औरंगाबाद का हसपुरा अंचल कार्यालय पिछले माह के नौवें से दूसरे स्थान पर तो बेगूसराय का खोदबंदपुर अंचल अपना तीसरा स्थान बरकरार रखे हुए है. मुजफ्फरपुर का पारू अंचल इस माह पिछले माह के 17 वें स्थान से इस माह चौथे स्थान पर पहुंच गया है.

समस्तीपुर ने लगाई लंबी छलांग:गया का डुमरिया सातवें से पांचवें, जमुई का लक्ष्मीपुर दूसरे से छठे स्थान, बांका का बांका सदर 12 वें से सातवें, समस्तीपुर का कल्याणपुर लंबी छलांग लगाकर 103 वें स्थान से आठवें, बक्सर का चक्की 280 वें स्थान से नौवें और कैमूर का अधौरा 94वें स्थान से दसवें स्थान पर आ गया है. अंचल कार्यालयों की रैंकिंग परिमार्जन प्लस, म्यूटेशन, अभियान बसेरा-2, आधार सीडिंग की स्थिति इत्यादि के आधार पर की जाती है.

राजस्व एवं भूमि सुधार के मंत्री संजय सरावगी

“52 राजस्व सेवा के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. प्रत्येक माह राजस्व के विभिन्न कार्यों के आधार पर रैंकिंग जारी की जा रही है. कार्यों की लगातार समीक्षा के कारण कार्यप्रणाली में सुधार दिख रहा है. लेकिन अनुशासनहीनता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी लोगों को बेहतर सेवा विभाग द्वारा मिले यह उनकी कोशिश होगी.”-संजय सरावगी, मंत्री, बिहार का राजस्व एवं भूमि सुधार

 

 

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