दाई सुंदरी देवी का मरने के बाद नेत्रदान, दो लोगों को मिलेगी रोशनी।
बेलही बहेड़ी की रहने वाली 75 वर्षीय दाई सुंदरी देवी का गुरुवार की मध्य रात्रि निधन हो गया। वे स्व. दुखी यादव की धर्मपत्नी थीं। निधन के बाद उनके पुत्र राम सेवक और रमन कुमार ने मां की आंखें दान करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने दधीचि देहदान समिति से संपर्क किया।
समिति के क्षेत्रीय मंत्री मनमोहन सरावगी के अनुरोध पर डीएमसीएच के नेत्र विभाग अध्यक्ष डॉ. आसिफ शाहनवाज के निर्देशन में डॉक्टर अनुनय की टीम ने रात में ही उनके घर पहुंचकर नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की। टीम में डॉ श्रृंगाल, प्रभु कुमार और गीता कुमारी भी शामिल थे। परिजनों को नेत्रदान का प्रमाण पत्र सौंपा गया। दाई सुंदरी देवी अपने पीछे पुत्र राम सेवक, रमन कुमार, पुत्री राम गौरी देवी, पोते हरीओम, रोहित, केशव और अन्य परिजनों को छोड़ गई हैं। मनमोहन सरावगी ने परिवार के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा, नेत्रदान ऐसा कार्य है जो भगवान भी नहीं कर सकते, इसे केवल इंसान ही कर सकता है।
