Wednesday, May 6, 2026
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बिहार में शराबबंदी के 9 साल, जहरीली शराब से 190 लोगों की मौत, जानें क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े।

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बिहार में शराबबंदी के 9 साल : बिहार के आबकारी विभाग के आंकड़ों की माने तो बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद अब तक जहरीली शराब से 190 लोगों की मौत हो चुकी है. यह आंकड़ें विभाग के 6 जिलों के है. शुक्रवार को बिहार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने शराबबंदी के 9 साल पूरे होने पर यह आंकड़े जारी किए है.

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विनोद सिंह गुंजियाल सचिव मद्य निषेध
”पिछले 9 साल में बिहार के 6 जिले, सारण, सीवान, गया, भोजपुर, बक्सर और गोपालगंज में जहरीली शराब से कई लोगों की जान गई है. आंकड़ों के अनुसार 2016 से लेकर अब तक जहरीली शराब से 190 लोगों की मौत की पुष्टि हुई.”- विनोद सिंह गुंजियाल, सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग

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9.36 लाख मामले दर्ज, 14 लाख गिरफ्तारी :अगर सरकारी आंकड़ों पर नजर डाले तो बिहार में शराबबंदी के उल्लंघन पर अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2025 तक करीब 9.36 लाख मामले दर्ज किए हैं, जिनमें 14.32 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इतना ही नहीं आबकारी विभाग ने इन 9 सालों में 3.86 करोड़ शराब जब्त (देशी शराब भी शामिल) की है. जिसमें से करीब 3.77 लाख (97 प्रतिशत) शराब को नष्ट किया जा चुका है.

तस्करों तक पहुंचने के लिए 33 खोजी कुत्तों की मदद :आबकारी विभाग के आंकड़ों की माने तो 9 सालों में अवैध शराब की तस्करी में करीब 1.40 लाख वाहन भी जब्त किए हैं. इसके अलावा आबकारी पुलिस ने शराबंदी के उल्लंघन के दौरान तस्करों और अपराधियों को पकड़ने के लिए 33 खोजी कुत्तों की भी मदद ली.

रिकॉर्ड राजस्व सग्रह संग्रह : बिहार में जब भी शराबबंदी की बात होती है तो राजस्व का सवाल जरूर पूछा जाता है. हालांकि यहां फ्लैट और भूमि रजिस्ट्रेशन से राजस्व सग्रह पर विभाग ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 7,648.88 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया, जो अब तक का रिकॉर्ड है, जबकि लक्ष्य सिर्फ 7,500 करोड़ था. हालांकि एनएफएचएस 5 की रिपोर्ट कहती है कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद यहां शहरी क्षेत्र के लोग महाराष्ट्र (शहरी) के लोगों के आसपास शराब गटक जाते है.

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