बिहार सरकार लखीसराय में सोलर इन्वर्टर बैट्री और भागलपुर के पीरपैंती में ग्रीनफील्ड थर्मल पावर प्लांट लगाने वाली है. जिससे प्रदेश में बिजली संकट से लोगों को मुक्ति मिलेगी.
बिहार के लोगों को बिजली संकट से मुक्ति दिलाने के लिए नीतीश कुमार की सरकार दो बड़े योजनाओं पर काम कर रही है. भागलपुर के पीरपैंती में थर्मल पावर प्लांट बनेगा जबकि लखीसराय में देश की सबसे बड़ी बैट्री सौर परियोजना जल्द शुरू होने जा रहा है. इन दो प्रोजेक्ट को ऊर्जा के क्षेत्र में सरकार का दूरगामी कदम माना जा रहा है. जिससे बिहार के लोगों को बिजली से जुड़ी अनेकों समस्याओं से मुक्ति मिलेगी. भागलपुर में थर्मल पावर प्लांट भागलपुर के पीरपैंती में 21,400 करोड़ की लागत से सरकार 2400 मेगावाट क्षमता की ग्रीन फील्ड थर्मल पावर प्लांट लगाने जा रही है जो किसी प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा निवेश होगा. इस प्लांट के चालू होने से बिहार को दूसरे राज्यों पर बिजली के लिए निर्भर नहीं रहना होगा. साथ ही साथ आम लोगों को बिजली बिल में भी कमी आएगी. बिजली कटौती का संकट भी दूर होगा.
लखीसराय में देश की सबसे बड़ा बैट्री सौर परियोजना लखीसराय जिले के कजरा में बैट्री सौर परियोजना (सोलर बैट्री प्रोजेक्ट) का काम दो चरणों में शुरू होगा. इसके तहत 301 मेगावाट सौर ऊर्जा तैयार किया जाएगा. वहीं उच्च क्षमता वाली बैट्री से 495 मेगावाट आवर बिजली को रिजर्व रखा जा सकेगा. इस प्रोजेक्ट से बिहार के लोगों को पीक समय में खासकर रात में बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा. बैट्री में स्टोर किए हुए बिजली का यूज रात में किया जा सकेगा. ऊर्जा संकट इससे काफी हद तक खत्म हो जाएगा. अगस्त महीने में इसके पहले फेज का काम शुरू हो सकता है.
रोजगार के भी बड़े अवसर आएंगे भागलपुर और लखीसराय में बिहार सरकार के द्वारा ऊर्जा के क्षेत्र में जो प्रोजेक्ट शुरू किए जाने हैं उससे बिहार के लोगों को बिजली का संकट खत्म होगा. इन दो प्रोजेक्ट से रोजगार के भी बड़े अवसर मिलेंगे. लोगों को काम ढूंढने के लिए प्रदेश से बाहर जाने की जरुरत नहीं होगी. वहीं बैट्री सौर परियोजना से जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी मदद मिलेगी.


