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बिहार : बिहार स्टेट हेल्थ सोसाइटी के टेंडर पर विवाद, सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी सर्विसेज के लिए निकाली गई थी निविदा

 बिहार स्वास्थ्य विभाग के स्टेट हेल्थ सोसाइटी में एक टेंडर में गड़बड़ी की खबर आ रही है। इसमें भाग लेने वाली सात कंपनियों में से छह का कहना है कि स्वास्थ्य समिति ने पैथोलॉजी सर्विसेज के लिए जो वित्तीय टेंडर 23 अक्टूबर को देर शाम खोले थे, उनमें एल-1 (लोवर बिड) आने वाली कंपनी साइंस हाउस के फाइनेंसियल बिड में काफी असमानताएं है। खोले गए टेंडर में इस कंपनी ने अलग-अलग जगह पर अलग-अलग रेट डाले हैं। इस टेंडर में शामिल अन्य कंपनियों ने जब इस मुद्दे को उठाया तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बंगले झांकते नजर आए।
टेंडर प्रॉसेस में भाग लेने वाली कंपनियों की आपत्ति

टेंडर प्रॉसेस में भाग लेने वाली कंपनी POCT सर्विसेज की ओर से विनय मिश्रा और हिंदुस्तान वेलनेस की ओर से अनीश बसराल ने लिखित आपत्ति दर्ज कराई। एनबीटी ऑनलाइन से विनय मिश्रा ने कहा कि लगभग डेढ़ घंटे बाद ये कह कर सभी कंपनियों को बाहर भेज दिया कि इस मुद्दे को टेंडर कमेटी देखेगी और जो भी निर्णय होगा, उसे वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा। टेंडर में भाग लेने वाली कंपनियों ने अनिमियतता का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि स्वास्थ्य समिति ने टेंडर खुलने के बाद एक्शन शीट पर किसी का भी दस्तखत नहीं करवाया और अधिकारी आनन-फानन में कार्रवाई समाप्त करते नजर आए।

7 कंपनियों का हुआ है अंतिम रूप से सेलेक्शन

दरअसल, बिहार स्वास्थ्य समिति ने सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों (सदर अस्पताल) पर पैथोलॉजी जांच के लिए निविदा निकाले थी, जिसकी अंतिम तिथि 3 अक्टूबर थी। एनआईटी संख्या 09/SHSB/ पैथोलॉजी सर्विसेज/2024-25 के तहत 7 कंपनियों को तकनीकि रूप से सक्षम पाया गया था। 23 अक्टूबर 2024 को शाम 5 बजे इनका फाइनेंसियल बिड खोला गया। इसमें साइंस हाउस नाम की कंपनी को एल-1 बताया गया। कंपनी प्रतिनिधियों का कहना है कि जब ये फाइनेंसियल बिड खुल रहा था तो इस निविदा में भाग लेने वाली कंपनियों के रिप्रेजेंटेटिव ने देखा कि साइंस हाउस नाम की कंपनी की बिड में अलग-अलग जगह अलग-अलग रेट कोट किए गए थे।

कंपनियों ने ई-मेल से भेजी अपनी आपत्ति

साइंस हाउस ने दो शीट पर 1 परसेंट डिस्काउंट का फिगर डाला था तो एक शीट पर 77 परसेंट डिस्काउंट का। उस समय ये भी देखा गया कि बिड खोलने वाले अधिकारी मैनुअली 1 परसेंट वाले शीट को 77 परसेंट करते नजर आए। जब अन्य प्रतिभागियों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई तो सभी अधिकारी, IAS सुहर्ष भगत (एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर) के कमरे में चले गए। फिर लगभग एक घंटे बाद एक अधिकारी ने सूचना दी कि इस आपत्ति पर स्वास्थ्य समिति विचार करेगी और जो भी निर्णय होगा, वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा। अधिकारियों ने उस समय लिखित आपत्ति को लेने से भी मना कर दिया लेकिन इस निविदा में भाग लेने वाली कंपनियों ने ई-मेल के जरिए आपत्ति विभाग को भेज दी है।

पैथोलोजी जांच में पहले से काम कर रही एक कंपनी

वैसे, बिहार के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में पैथोलॉजी जांच के लिए चयनित एक एजेंसी (POCT सर्विसेज) पहले से ही काम कर रही है और उसका कार्यकाल पिछले साल ही 3 साल के लिए बढ़ाया गया था। लेकिन बीच में ही बिहार स्टेट हेल्थ सोसाइटी ने एक नया निविदा जारी कर दिया। पहले बिहार के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर पैथोलॉजी जांच का निविदा बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन ने जारी किया था, जिसने पिछले साल पहले से काम कर रही एक कंपनी को तीन साल का एक्सटेंशन दिया था लेकिन अब यही निविदा बिहार स्टेट हेल्थ सोसाइटी ने जारी किया है, ताकि किसी प्रकार का कानूनी अड़चन न आए।

पूरे मामले में बिहार स्वास्थ्य समिति का पक्ष जानने के लिए एनबीटी ऑनलाइन ने स्टेट हेल्थ सोसाइटी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर सुहर्ष भगत से बात करने की कोशिश की। उनके ऑफिस की ओर से बताया कि वो मौजूद नहीं है, जैसे ही उनसे बात हो पाएगी, स्टेट हेल्थ सोसाइटी के पक्ष को भी अपडेट कर दिया जाएगा।

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