पत्रकार सुशील भारती को मिथिला सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया साथ ही परमानंद लाभ की लिखित पुस्तक एकादशी का विमोचन साहित्य अकादमी से पुरस्कृत साहित्यकार डॉ० योगानंद झा, प्रो० उदय शंकर मिश्र, बिनोद कुमार, स्वर्णिम किरण द्वारा किया गया।
इसके उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य रूप से ममता ठाकुर ने मिथिला के सिया धीया जगत जननी भेली, बिभा झा ने झिलमिल झिलमिल करै तरेगण मिथिला स्वर्ग समान हे और हम ने बियाहब भिखारी धिया केना रहती और सुषमा झा ने छोटि छोटि सुकमारी सिया, रौशन झा ने कहिया एबे मैया अंगना हमार एवं रानी झा ने अंगनमा में हो भवनमा में हो, प्रिया प्रशांत झा ने सदीखन बजै छी गाकर लोगो को मंत्रमुग्ध किया।
अन्य गायक में मुख्य रूप से नीरज, नीतू, कुंदन झा, प्रियंका के साथ पारस पंकज के टीम द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम देर रात तक आयोजित होता रहा।





