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दिल्ली ब्लास्ट में बेगूसराय के व्यवसायी की मौत:आर्टिफिशियल ज्वेलरी खरीदने गए थे, परिजन बोले- दो दिन बाद पता चला वो भी धमाके में घायल हैं।

दिल्ली के लालकिले के पास 10 नवंबर की शाम हुए ब्लास्ट में बेगूसराय के भी एक व्यक्ति की मौत हुई है। शुक्रवार की रात पोस्टमॉर्टम के बाद शव लाया जा रहा है।

मृतक की पहचान बेगूसराय के पोखरिया मोहल्ला के रहने वाले मोहम्मद लुकमान के रूप में की गई है‌। लुकमान मूल रूप से खगड़िया के रहने वाले थे। यहां वे लंबे समय से किराए के मकान में पोखरिया में रहते थे और कचहरी रोड में आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकान चलाते थे। ज्वेलरी लाने के लिए ही दिल्ली गए थे, जहां बम ब्लास्ट के शिकार हो गए।

हादसे के शिकार मोहम्मद लुकमान का शव देर शाम 8 बजे तक बेगूसराय लाए जाने की सूचना है।

हादसे के शिकार मोहम्मद लुकमान का शव देर शाम 8 बजे तक बेगूसराय लाए जाने की सूचना है।
7 नवंबर को सामान लाने दिल्ली गए थे

मृतक के रिश्तेदार मोहम्मद सोनू ने बताया कि आर्टिफिशियल ज्वेलरी की खरीदारी करने 7 नवंबर को दिल्ली गए थे। 10 नवंबर को चांदनी चौक मार्केट के आसपास सामान खरीदा और सामान पैकिंग करके वहीं छोड़ दिया और खाना खाने के लिए निकल गए। इसी दौरान बम ब्लास्ट की चपेट में आ गए।

12 नवंबर को घटना की मिली जनकारी

सोनू ने बताया कि, 12 नवंबर को उनके नंबर पर कॉल किया तो दूसरे किसी व्यक्ति से बात हुई। उसने बताया कि जिनका यह मोबाइल है, वह हादसे का शिकार हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। फिर हम लोगों ने दिल्ली में रहने वाले रिश्तेदारों से संपर्क किया और खोजबीन शुरू की। 13 नवंबर को हॉस्पिटल से उनका शव मिला।

पोस्टमॉर्टम और कागजी प्रक्रिया के बाद शुक्रवार की रात शव मिला। इसके बाद बेगूसराय के लिए रवाना हुए हैं।

मैप से समझिए धमाके की लोकेशन

समस्तीपुर के 22 साल के कैब ड्राइवर की भी ब्लास्ट में हुई थी मौत

दिल्ली ब्लास्ट में मारे गए 12 लोगों में बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले पंकज सहनी (22) भी शामिल थे। पंकज समस्तीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के हसनपुर का निवासी था। उनके पिता रामबालक सहनी ने बताया कि, पंकज दिल्ली में कैब सर्विस में ड्राइवर था। जिस वक्त दिल्ली में ब्लास्ट हुआ पंकज किसी बुकिंग पर जा रहा था। कार में वो अकेले ही था। हालांकि, शुरुआत में खबर आई थी कि कार से वह रेलवे स्टेशन किसी रिश्तेदार को छोड़ने जा रहा था।

3 भाइयों में दूसरे नंबर पर था पंकज

पंकज 3 भाइयों में दूसरे नंबर पर था, तीन छोटी बहनें भी हैं पंकज की बम धमाके में मौत की सूचना के बाद मंगलवार सुबह उसके घर पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी थी। पंकज के चाचा और अन्य पुरुष सदस्य घटना की सूचना के बाद सुबह ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। घर पर पंकज की चाची और चचेरे दादा के अलावा अन्य लोग मिले।

उन्होंने बताया कि पंकज के पिता रामबालक सहनी भी कैब ड्राइवर हैं। पंकज तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। बड़ा भाई प्राइवेट काम करता है, जबकि छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। पंकज की तीन बहनें भी हैं, जो पंकज से छोटी हैं।

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