बिहार : बिहार में भारत बंद का व्यापक असर, बक्सर-आरा-पटना में रोकी गयी ट्रेन, प्रदर्शनकारियों ने जज की कार को रोका, पुलिस से भी हुई हाथापायी
SC-ST के आरक्षण में सब-कोटा पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद का बिहार में व्यापक असर देखा जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में सड़कें जाम हैं और ट्रेनों को जहां-तहां रोका गया है लिहाजा यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार में भारत बंद का व्यापक असर
बिहार के मोतिहारी में बंद का खासा असर देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने 12558 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर सप्तक्रांति एक्सप्रेस को चांदमारी रेलवे गुमटी पर करीब 10 मिनट तक रोककर रखा। इस दौरान आरपीएफ और रेल पुलिस ने मोर्चा संभाला और फिर ट्रैक को खाली कराया। इस दौरान तीन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने जज की कार को रोका
इसके साथ ही बक्सर में प्रदर्शनकारियों ने कोर्ट जा रहे जज की गाड़ी को रोक दिया और फिर अंबेडकर चौक पर भी जाम लगा दिया। वहीं, आरा रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने मैसूर रानी कमलापति-सहरसा ट्रेन को रोक दिया और चक्का जाम किया।
जहानाबाद में पुलिस से हाथापायी
वहीं, जहानाबाद में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से हाथापायी हो गयी। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा और जाम खत्म कराया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। वहीं, गोपालगंज में भी भारत बंद का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है, जहां प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर निकल नारेबाजी की और दुकानें बंद करने का आह्वान किया। नरकटियागंज में भी भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। आवागमन बाधित है।
बक्सर में दिखा बड़ा असर
भारत बंद के चलते रेल यातायात काफी प्रभावित हुआ है। दानापुर-बक्सर लाइन पर ट्रैक जाम करने से अप और डाउन में परिचालन लगभग घंटेभर तक बाधित रहा। प्रर्दशनकारियों ने बक्सर नई बाजार के पास ट्रैक जामकर परिचालन ठप कर दिया। लगभग घंटेभर तक फरक्का एक्सप्रेस अप बक्सर स्टेशन पर खड़ी रही। सहरसा-रानी कमलापति एक्सप्रेस अप आरा में खड़ी रही। पटना-डीडीयू पैसेंजर अप भी खड़ी रही। इस दौरान दैनिक यात्री काफी परेशान दिखे। एक घंटे की मशक्कत के बाद आरपीएफ ने परिचालन शुरू कराया। बंद समर्थकों ने डुमरांव में NH 120 को जाम कर दिया।
आखिर भारत बंद क्यों?
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने एक फैसले में SC-ST के लोगों के बीच में ही अलग-अलग श्रेणियां बनाने की राज्य सरकारों को मंजूरी दी थी। कोर्ट ने कहा था कि आरक्षण का सबसे अधिक फायदा जरूरतमंदों को मिलना चाहिए। ऐसे में इस फैसले के खिलाफ दलित और आदिवासी संगठनों के राष्ट्रीय परिसंघ (NACDAOR) ने भारत बंद का ऐलान किया है। कई संगठनों ने इस बंद का समर्थन किया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ भारत बंद का आह्वान किया गया है क्योंकि कोर्ट के इस फैसले को दलित और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया गया था। कोर्ट से इस फैसले को वापस लेने की मांग की जा रही है।
