मुखिया अनुराधा सिंह ने अनाथ हो चुके सुनील पासवान के अबोध बच्चे और पिता व भाई से मिलकर ढाढस बंधाया और दैनिक जरूरतमंदों की सामग्री भी भेंट की।
मौके पर अनुराधा सिंह ने मृतक के भाई, पिता और अन्य परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि ईश्वर के आगे किसी की नहीं चलती है। भीषण घटना के बावजूद भी कुशल रूप से सुरक्षित बच चुकी छ: माह की पुत्री स्वाति
एवं तीन वर्षीय पुत्र सुशांत कुमार के कुशल भविष्य के लिए धैर्य से काम लेने की आग्रह किया। उन्होंने मृतक के पिता एवं भाई के लिए पैन्ट, टीशर्ट, लूंगी, गंजी, जांघिया और गमछा दो दो सेट में भेंट किया। जबकि दोनों बच्चों
के लिए भी अलग-अलग आधा दर्जन से अधिक पेंट, जांघिया, गंजी, टीशर्ट, बिस्कुट, नमकीन वगैर भेंट किया। साथ ही सोने के लिए चटाई, दरी और जाजीम भी दो दो सेट में भेंट किया। इसी क्रम में मृतक के दुधमुंही बच्ची
स्वाति कुमारी को श्रीमती सिंह ने गोदी में उठाई, तो बच्ची खेलते हुए काफी प्रसन्नचित्त देखी गई। इसी क्रम में जब बच्ची को उसकी फुआ अपने पास लेना चाही, तो वह रोने लगी। अचानक दुधमुंही बच्ची के अपनी ओर
आकर्षित होता देख मुखिया श्रीमती सिंह की ममता फूट पड़ी और उसके आंखों में आंसू भर आई। वहां मौजूद लोग स्वाति की आकर्षण और श्रीमती सिंह के अंदर उमर पड़ी स्नेह को देखकर अपनी आंसू नहीं रोक पाए। उसने
मृतक के पिता से कहा कि आपको अथवा दोनों अनाथ बच्ची को कोई मुसीबत आए एवं जरूरत बने तो एक बार मुझे अथवा मेरे पति सामाजिक कार्यकर्ता संजय सिंह उर्फ पप्पू सिंह को फोन कर याद जरूर कर लीजिएगा। हर संभव सहयोग करने की प्रयास में तत्पर रहेंगे। मौके पर रौशन झा और कृष्ण कुमार सहनी सहित कई लोग मौजूद थे।





