करें। इसके लिए सकारात्मक पहल की जरूरत है। एमएमएल संस्कृत विद्यापीठ, लोहना में एनएसएस द्वारा स्वच्छता एवं स्वास्थ्य विषय पर आयोजित विशेष शिविर में स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए कुलपति प्रो.
पांडेय ने सोमवार को उक्त बातें कही। साथ ही उन्होंने जोड़ा कि हमें सफाई कर्मी को प्यार करना चाहिए। उन्हें सहयोग करना चाहिए ताकि उनमें कार्य के प्रति सकारात्मक अवधारणा बढ़े। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय
सेवा योजना में स्वयंसेवकों को स्वछन्द होकर अपनी सेवा देनी चाहिए। स्वयंसेवकों पर बड़ी जिम्मेदारी है। कुलपति ने कहा कि स्वयंसेवक सिर्फ शैक्षणिक
गतिविधियों तक ही अपने आपको सीमित न करें बल्कि इससे इतर समाज की बेहतरी के लिए विविध स्तरों पर मिलकर भी कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सेवाधर्म कठिन कार्य है। इसलिए पूरी निष्ठा के साथ
राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों में भाग लेते हुए समाज के लोगों को भी जोड़ने का उन्होंने आह्वान किया। उक्त जानकारी जनसम्पर्क पदाधिकारी निशिकांत प्रसाद सिंह ने दी। प्रधानाचार्य डॉ. घनश्याम मिश्र ने
आगत अतिथियों का स्वागत तथा कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. ऋद्धि नाथ झा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. वीरचन्द्र जैन, डॉ. दुर्गा नन्द ठाकुर, डॉ. जयन्ती माला, डॉ. शारदा कुमारी, डॉ. श्यामा कुमारी ने भी विशेष शिविर को संबोधित किया।





