भाजपा बार-बार कांग्रेस पर सावरकर का अपमान करने का आरोप लगा रही है। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी चीफ शरद पवार ने कहा है, देश के स्वतंत्रता संग्राम के लिए सावरकर के बलिदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है लेकिन उनके बारे में असहमती को एक राष्ट्रीय मुद्दा नहीं बनाया जा सकता है, क्योंकि आज ध्यान केंद्रित करने के लिए और भी कई अहम मुद्दे हैं।
बीते दिन राहुल गांधी की लंदन यात्रा भी काफी चर्चा में रही। विदेशी धरती पर राहुल गांधी के बयानों को भाजपा सरकार ने देश और पुलवामा शहीदों का अपमान बताया। इसे लेकर भी शरद पवार ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय ने विदेश में जाकर देश के मुद्दों पर बात की है।
नागपुर में पवार ने कहा कि हाल ही में 18 से 20 दलों के नेताओं ने देश के बड़े मुद्दों को लेकर बैठक और चर्चा की। मैंने कहा है कि सत्ता में बैठे लोग देश को किस तरह से चला रहे हैं इसपर बात करने की जरुरत है। आज सावरकर कोई राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है। हमने सावरकर को लेकर कुछ बातें की थी लेकिन वो व्यक्तिगत नहीं थी बल्कि हिंदू महासभा के खिलाफ था। हम देश की आजादी के लिए सावरकर के बलिदान को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। इससे पहले सावरकर को लेकर कांग्रेस के बयान से उद्धव ठाकरे नाराज नजर आए थे। नाराजगी ऐसी कि कांग्रेस के डिनर पार्टी में भी उद्धव शामिल नहीं हुए।





