इस अवसर पर डीएम ने कहा कि लैंगिक हिंसा का सभ्य समाज में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि लैंगिक हिंसा के संबंध में बने कानूनों का पालन करना आवश्यक है। इसके लिए जरूरी है कि जन-जागरूकता बढ़े, इसलिए इस अभियान को सफल बनाएं। महिला एवं बाल निगम की एसपीएम अंकिता कश्यप ने बताया कि लिंग आधारित हिंसा की जड़ें लैंगिक भेदभाव तक जाती है। किसी भी तरह की हिंसा गलत है और किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हिंसा को पहचानते हुए इसका प्रतिकार करना होगा। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (समेकित बाल विकास परियोजना) ने बताया कि यह जन-जागरुकता के लिए यह अभियान महिला एवं बाल विकास निगम एवं जीविका के संयुक्त तत्वावधान में शुरू किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन वन स्टॉप सेंअर की केंद्र प्रशासक अजमातुन निशा ने किया।
इस अवसर पर सिटी एसपी सागर कुमार, सदर एसडीओ चन्द्रिमा अत्री, संयुक्त निदेशक सह उप निदेशक, जनसम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला कल्याण पदाधिकारी मो. असलम अली, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) इमरान अहमद, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नेहा कुमारी, डीपीएम (जीविका) डॉ. ऋचा गार्गी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के साथ अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।





