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बिरौल के एक युवक को हरियाणा के सोनीपत अदालत ने सुनाया फांसी की सजा।

बिरौल थाना क्षेत्र के मजरगाही गांव से रोजी-रोटी के लिए हरियाणा गए एक युवक को वहां दुष्कर्म के आरोप में फांसी की सजा सुनायी गयी है।

यह खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया है। आरोपित अरुण पंडित की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी रूप देवी सदमे में कुछ भी बोल नहीं रही थी। वह अपने चार बच्चों को टकटकी लगाकर देख रही थी कि अब इन्हें देखने वाला कौन होग।

पिता सत्तो पंडित अग्रिम अपील के लिए हरियाणा के लिए निकल गए हैं। गांव के लोग इस घटना से क्षुब्ध हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीमार पिता की पारिवारिक स्थिति खराब रहने से वह कमाने के लिए हरियाणा गया था। वहां पर रहकर अपने ही क्षेत्र के लोगों के साथ राजमिस्त्रत्त्ी का काम करता था। दो वर्ष पूर्व जानकारी मिली थी कि अरुण अपने तीन दोस्तों के साथ दो नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म कर उनकी हत्या कर देने के मामले में अभियुक्त बनाया गया है।

इस बीच न्यालय में हुई सुनवाई में फांसी की सजा सुनाने की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया है। मालूम हो कि बिरौल थाना क्षेत्र के मजगाही गांव के अरुण पंडित एवं दरभंगा जिले के ही मसहोरी गांव के फूलचंद, झकेली गांव के दुखन पंडित एवं समस्तीपुर जिले के बाड़ा गांव निवासी रामसुहाग ने दिल्ली बॉर्डर से सटे सोनीपत कुंडली में पांच अगस्त 2021 को पड़ोस की ही दो नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म कर जहर खिलाकर हत्या कर दी थी।

इस मामले में मृतकाओं के परिजनों के आवेदन पर नौ अगस्त 2021 को कुंडली थाने में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर उक्त सभी नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

इसके बाद हरियाणा के सोनीपत न्यालय में सुनवाई के दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश सुरुचि अतरेजा सिंह ने गत 24 नवंबर को चारों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।

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