जानकारी के अनुसार, सोनवा गांव निवासी तेजनारायण सिंह के बेटे दिलीप सिंह गांव में रहकर ईंट भठ्ठा का व्यवसाय करते हैं। जबकि छोटे पुत्र रामलला सिंह दरभंगा के हाउसिंग कालोनी में सपरिवार रहते हैं और वहीं पर तंबाकू का थोक कारोबार करते हैं।
बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम दिलीप सिंह अपनी पत्नी मणिमाला देवी के साथ समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र के रोहुआ स्थित ननिहाल चले गए। वे अपनी बीमार मामी से मिलने गए थे।
वहीं, उनके छोटे भाई तेज नारायण सिंह रात में खाना खाकर करीब दो सौ मीटर की दूरी पर बने बथान (मवेशी घर) पर सोने के लिए चले गए। बदमाश देर रात के पीछे से चाहरदिवारी फांदकर घर में गए और नुकीले धारदार हथियार से दादी-पोते के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर हमला कर दोनों को मार डाला।
वारदात में छह-सात बदमाशों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। सुबह तेजनारायण सिंह बथान से घर लौटे और गेट खोलने के लिए आवाज लगाई तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। उन्होंने अनहोनी की आशंका जताते हुए पड़ोसियों को आवाज दी।
पड़ोस के एक युवक ने अंदर जाकर गेट को खोला तो उन्हें वारदात की जानकारी मिली। इसके बाद ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी गई।
पड़ोस की गलियों में ही चक्कर काटता रहा श्वान
दिलीप सिंह का बड़ा बेटा दिल्ली में रहकर पढ़ाई करता है। जबकि छोटा बेटा आदर्श उर्फ होली मिशन बहेड़ी में दसवीं का छात्र था। वारदात के बाद पहुंची श्वान दस्ता पड़ोस की गलियों में चक्कर काट रहा है। अब तक कोई कामयाबी नहीं मिली है।





