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बाइक सवार 4 बदमाशों ने हत्या की घटना को दिया अंजाम।

बिहार की महागठबंधन सरकार में अपराधियों के हौंसले बढ़े हुए नजर आ रहे हैं. प्रदेश में हर रोज हत्या, लूट, रेप और अपहरण जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं. ताजा मामला मुजफ्फरपुर का है, जहां बेखौफ बदमाशों ने एक प्रॉपर्टी डीलर की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना में आशुतोष शाही की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि बुरी तरह से घायल उनके निजी अंगरक्षक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. वहीं दूसरा बॉडीगार्ड भी अस्पताल में मौत से जंग लड़ रहा है. ये घटना नगर थाना क्षेत्र के लकड़ी ढाई मोहल्ले की है. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.

बताया जाता है कि चर्चित प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष शाही ने लकड़ी ढाई मोहल्ले में शिव मंदिर के निकट कुछ जमीन की खरीद की थी. इसी मामले में वह शुक्रवार (21 जुलाई) की शाम वकील सैयद कासिम हसन उर्फ डॉलर वकील के पास बातचीत करने उनके घर गए थे. बताया जा रहा है कि अपराधी पहले से ही वकील के साथ घर में बैठे हुए थे. जैसे ही आशुतोष शाही घर में घुसे, अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस घटना में आशुतोष को कई गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. उनके निजी बॉडीगार्ड्स को भी गोली लगी. जिसमें से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है.

इस घटना के बाद एसएसपी राकेश कुमार, सीटी एसपी अरविंद प्रताप सिंह समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. घटनास्थल पर एसआईटी की टीम भीदेर रात तक सबूत इकठ्ठा करने में जुटी रही. घटना में मारे गए आशुतोष शाही और अंगरक्षक के शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेजा गया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि दो बाइक पर सवार 4 बदमाश आए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दिया. करीब दो दर्जन राउंड गोलियां चलाई गईं. घटना को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी जगन्नाथ मिश्रा कॉलेज की तरफ निकल भागे.

बता दें कि यह वही इलाका है जहां 2020 में शहर के पूर्व महापौर समीर कुमार को अज्ञात अपराधियों ने गोलियों से भून दिया था. तब भी प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़ा विवाद था और उस घटना का भी समय देर शाम ही था. उस मामले में भी आशुतोष शाही का नाम आया था. हालांकि, उस मामले में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी. आशुतोष शाही का नाम जमीन की खरीद बिक्री को लेकर तब चर्चा में आया था, जब उसने मोतीझील में श्याम सिनेमा के आगे स्थित बड़े जमीन की डीलिंग की थी. इस मामले में उसकी अदावत एक बाहुबली विधायक से भी हुई थी, लेकिन तब पुलिस संरक्षण के कारण उसने डीलिंग को मुकाम तक पहुंचाया था.

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