उन्होंने आवश्यकतानुसार कार्ययोजना बनाकर पुलिस / मद्यनिषेध/जी०एस०टी० के अधिकारियों के साथ संयुक्त जाँच/छापामारी कराने का भी निदेश दिया ।
साथ ही अवैध दवा दुकानों की औचक की जांच करते हुए नियमानुसार शख्त कार्रवाई करने का निर्देश दियेतथा प्रगति प्रतिवेदन प्रत्येक माह के 18 तारीख तक जिला गोपनीय प्रशाखा, दरभंगा एवं सहायक आयुक्त मद्यनिषेध कार्यालय, दरभंगा में समर्पित करने का निदेश दिये।
*जिला पदाधिकारी, दरभंगा द्वारा निदेशित किया गया कि जिले में गांजा/भांग /अफीम एवं अन्य मादक पदार्थों की खेती /उपभोग/व्यापार आदि की सूचना यदि किसी को प्राप्त होती है तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित थाना/औषधि निरीक्षक को दें*।
औषधि निरीक्षक पुलिस से समन्वय कर उक्त मामलों में वाद दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। उनके द्वारा थानाध्यक्षों को चौकीदारों के माध्यम से भी मादक पदार्थों की खेती / उपभोग / व्यापार आदि की सूचना लेकर कार्रवाई करने का निदेश दिया गया।
उन्होंने कहा कि आम जनता खासकर विद्यार्थियों एवं युवाओं को मादक द्रव्य से होने वाले दुष्प्रभाव को बताते हुए समाज में जनजागरूकता चलाने की आवश्यकता है।
इसके लिए जिला पदाधिकारी द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिले के स्कूल/कॉलेजों में ड्रग्स व नशा से होने वाली हानियों/बीमारियों आदि से संबंधित प्रचार-प्रसार कराने का निदेश दिया गया।
साथ ही इसके अतिरिक्त डी०पी०एम० जीविका, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, दरभंगा को भी अपने कर्मियों यथा- जीविका दीदियों/ टोला सेवक/तामिली मरकज/विकास मित्र आदि के माध्यम से ग्रामीण व शहरी इलाकों में व्यापक जनजागरूकता चलाने का निदेश दिया ।
सिविल सर्जन, दरभंगा द्वारा बताया गया कि जिलान्तर्गत डी०एम०सी०एच० में नशा मुक्ति केन्द्र संचालित है जो कि 10 बेडों का है जिसमें नशा के आदि मरीजों का ईलाज किया जा रहा है।
जिला पदाधिकारी, दरभंगा द्वारा सभी अधिकारियों को निदेश दिया गया कि अपने-अपने क्षेत्र अन्तर्गत वैसे मरीज जो नशा के आदि हैं को नशा मुक्ति केन्द्र में ईलाज हेतु भर्ती कराएं l





