प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन एवं मखाना उत्पादन-निर्यात को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित

मखाना की गुणवत्ता,जीआई टैग,निर्यात एवं किसानों की आय बढ़ाने पर दिया गया विशेष जोर
दरभंगा, 25 अगस्त 2026 :-
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के सफल क्रियान्वयन एवं जिले में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव श्री साकेत कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार सहित जिले के संबंधित पदाधिकारी,मखाना उत्पादक एवं एक्सपोर्टर उपस्थित थे।

बैठक के प्रारंभ में जिले में मखाना की खेती, उत्पादन, गुणवत्ता, प्रसंस्करण एवं निर्यात की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
संयुक्त सचिव श्री साकेत कुमार ने मखाना उत्पादकों एवं एक्सपोर्टरों से मखाना के निर्यात के दौरान आने वाली समस्याओं, गुणवत्ता से संबंधित चुनौतियों तथा अन्य आवश्यकताओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया।

उन्होंने मखाना के जीआई टैग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक मखाना उत्पादकों को जीआई टैग से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि मखाना की विशिष्ट पहचान एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जीआई टैग का व्यापक उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही, एपीडा (APEDA) की पहल के माध्यम से बिहार से मखाना के निर्यात को और अधिक बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
संयुक्त सचिव ने कहा कि मखाना को देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी भेजा जा रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप मखाना के उत्पादन, गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रसंस्करण एवं निर्यात की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने एक्सपोर्टरों को मखाना की गुणवत्ता पर विशेष रूप से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने जीआई टैग के लिए रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ाने तथा मखाना विकास योजना के अंतर्गत मखाना उत्पादन के क्षेत्र का विस्तार करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि मखाना विकास योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष जिले के 890 किसानों ने लाभ प्राप्त किया है।

मखाना अनुसंधान केंद्र के पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि पिछले दो वर्षों में लगभग 5,000 किसानों को मखाना की खेती के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
संयुक्त सचिव ने कहा कि मखाना आधारित उत्पादों की पहचान एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्वीकार्यता के लिए उत्पाद की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग तक गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
श्री साकेत कुमार ने कहा कि मखाना उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान सुनिश्चित करने के लिए Certificate of Origin (उत्पत्ति प्रमाण-पत्र) महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से दूसरे देशों में मखाना की जांच के दौरान उसके मूल स्थान एवं उत्पाद की पहचान आसानी से सुनिश्चित की जा सकती है।
बैठक के दौरान मखाना एक्सपोर्टरों द्वारा दरभंगा एयरपोर्ट से कार्गो सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया, ताकि जिले से मखाना को देश-विदेश के विभिन्न बाजारों तक शीघ्रता से पहुंचाया जा सके। इसके अतिरिक्त मखाना के भंडारण, प्रसंस्करण एवं निर्यात को सुगम बनाने के लिए पैक हाउस की व्यवस्था विकसित करने का भी सुझाव दिया गया।
संयुक्त सचिव ने पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया।
तत्पश्चात जिले में कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता, फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, मृदा स्वास्थ्य, उन्नत कृषि तकनीक के प्रसार, किसानों की आय में वृद्धि तथा कृषि से संबंधित विभिन्न योजनाओं के Convergence (अभिसरण) की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
संबंधित विभागों द्वारा जिले में संचालित योजनाओं एवं किए जा रहे कार्यों का समेकित प्रस्तुतीकरण जिला कृषि पदाधिकारी सचिव महोदय को अवगत कराया गया।
समीक्षा के दौरान कृषि क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग, किसानों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
संयुक्त सचिव श्री साकेत कुमार ने निर्देश दिया कि जिले में योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ परिणामोन्मुखी कार्ययोजना के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं का लाभ किसानों को समय पर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने विभिन्न विभागीय योजनाओं के बेहतर अभिसरण के माध्यम से कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने, किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्य करने का निर्देश दिया।

बैठक में जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार, सहायक समाहर्ता सुश्री कल्पना रावत, श्री विष्णु कांत, डॉ. सी.वी. सिंह, उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा जिले के मखाना एक्सपोर्टर एवं उत्पादक भी बैठक में शामिल हुए।
