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CoWIN डेटा ‘लीक’: 41 करोड़ लोगों की सुरक्षा का जिम्मेदार कौन?

डाटा लीक को लेकर बड़ा दावा किया जा रहा है। दावा है कि टेलीग्राम बॉट ने CoWIN प्लेटफॉर्म का उपयोग करके वैक्सीन लेने वाले सभी लोगों के फोन नंबर, आधार नंबर, जन्म तिथि और अन्य प्रमुख जानकारी लीक कर दिए हैं। यह जानकारी टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसका मतलब यह है कि पिछले तीन वर्षों में भारत में कोविड वैक्सीन लेने वाले हर व्यक्ति को अपनी पर्सनल जानकारी के सार्वजनिक होने का खतरा है। डाटा लीक को लेकर सरकार की ओर से भी आधिकारिक बयान आ गया है। सरकार का कहना है कि कोविन पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित है।
डाटा लीक को लेकर सरकार की ओर से भी आधिकारिक बयान आ गया है। सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय का कोविन पोर्टल डाटा प्राइवेसी के लिए सुरक्षा उपायों के साथ पूरी तरह सुरक्षित है। डाटा लीक की रिपोर्ट बिना किसी आधार और शरारतपूर्ण प्रकृति की हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीईआरटी-इन से इस मुद्दे को देखने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।

CoWIN प्लेटफॉर्म पर डाटा के कथित उल्लंघन की खबरों के बीच, केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा नहीं लगता कि Cowin एप या डाटाबेस का सीधे उल्लंघन किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और मामले की समीक्षा की। आईटी राज्य मंत्री ने आगे कहा कि नेशनल डाटा गवर्नेंस पॉलिसी को अंतिम रूप दे दिया गया है जो देश में डाटा स्टोरेज, एक्सेस और सुरक्षा मानकों का एक सामान्य ढांचा तैयार करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि एक टेलीग्राम बॉट फोन नंबरों की एंट्री पर कोविन एप की डिटेल्स दिखा रहा था। मंत्री ने मामले को साफ करते हुए कहा, “डाटा को खतरे वाले एक्टर डाटाबेस से बॉट द्वारा एक्सेस किया जा रहा था, जो पहले से चोरी / चोरी किए गए डाटा से भरा हुआ लगता है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, ऐसा नहीं लगता है कि कोविन एप या डाटाबेस का सीधे उल्लंघन किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि लीक हुए डाटा में भारतीय नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार कार्ड औ पैन कार्ड की डिटेल्स और फोन नंबर, जन्म तिथि जैसी जानकारियां शामिल हैं। दावे के अनुसार, यह जानकारियां मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर उपलब्ध हो गईं।

टेलीग्राम बॉट, जो संभवत: कुछ दिनों से सक्रिय था और भारत में टीके लेने वाले सभी लोगों की डिटेल्स शेयर कर रहा था को सोमवार सुबह निलंबित कर दिया गया। हालांकि, निलंबित किए जाने से पहले, बॉट ने भारत में कोविड वैक्सीन लेने वाले लोगों का जानकारी शेयर की, जब भी उन्हें फोन नंबर के लिए कहा गया।

प्रॉम्प्टके जवाब में, बॉट ने निम्न जानकारी जैसे नाम, फोन नंबर, आधार नंबर या पासपोर्ट नंबर (अगर पासपोर्ट का इस्तेमाल किया गया था), वोटर आईडी (अगर उपलब्ध है), वैक्सीनेशन का स्थान, जन्म तिथि, (कुछ मामलों में) घर का पता आदि शेयर की।

दिलचस्प बात यह है कि बॉट ने उन सभी लोगों की डिटेल्स पुल किया जिन्होंने वैक्सीन लेने के लिए एक खास नंबर का इस्तेमाल किया था। उदाहरण के लिए, यदि किसी फोन नंबर का इस्तेमाल पूरे परिवार को वैक्सीनेशन रजिस्ट्रेशन के लिए किया गया था, तो डाटा लीक में परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी उपलब्ध है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय संदिग्ध CoWIN डाटा लीक पर एक विस्तृत रिपोर्ट पर काम कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सूचना की अभी जांच की जा रही है। बता दें कि CoWIN व्यक्ति की जन्मतिथि या एड्रेस जैसी जानकारी नहीं रखता है।

हालांकि, टेलीग्राम पर बॉट को सस्पेंड करने से पहले कई राजनेताओं और पत्रकारों सहित कई ट्विटर यूजर्स लोगों की पर्सनल जानकारी प्राप्त करने में कामयाब रहे। इन यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए स्क्रीनशॉट इस बात की ओर इशारा करते हैं कि डाटा लीक हुआ है। हालांकि, सरकार ने डाटा लीक से इनकार किया है।

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