वार्षिक साख योजना,बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, कृषि ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
जिला पदाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार के निर्देशानुसार समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री/समीक्षा समिति (डीएलसीसी) की बैठक आयोजित की गई।
जिले के बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान वार्षिक *साख योजना, साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो), जिला गव्य विकास योजना, स्वयं सहायता समूह (जीविका), किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई), प्रधानमंत्री जनधन योजना तथा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण* कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया गया।
उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल ने जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को पंचायत सरकार भवनों का सर्वेक्षण कर आवश्यकता के अनुरूप नए बैंक शाखाओं की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं लाभ आम नागरिक ले सके।
उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वार्षिक साख योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करते हुए ऋण वितरण में तेजी लाएं तथा सुपात्र लाभुकों को समय पर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया। सभी बैंक पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजना से संबंधित लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन करना सुनिश्चित करें।
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री विकास कुमार ने आश्वस्त किया कि आगामी सहयोग शिविरों में बैंकिंग सेवाओं से संबंधित प्राप्त सभी आवेदनों का 10 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत में निष्पादित मामलों से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
उप विकास आयुक्त ने अग्रणी जिला प्रबंधक को जिले में साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) में सुधार लाने तथा विभिन्न योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन कर लाभुकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर बल दिया ।
आरसेटी द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि संस्थान के माध्यम से युवाओं एवं महिलाओं को ब्यूटी पार्लर, सिलाई-कढ़ाई सहित विभिन्न स्वरोजगारोन्मुखी व्यवसायों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे आत्मनिर्भरता एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है।
नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) श्रीमती राज नंदनी ने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि ऋण से संबंधित प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए,ताकि किसानों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सके।
विभिन्न बैंकिंग योजनाओं की प्रगति, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा कृषि एवं ग्रामीण विकास क्षेत्र में उपलब्धियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में माननीय विधायक, केवटी श्री मुरारी मोहन झा, आरबीआई के प्रतिनिधि,, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, डीडीएम नाबार्ड श्रीमती राज नंदनी, वरीय उप समाहर्ता श्रीमती प्रियंका कुमारी, विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।




