बैठक में जिले के विभिन्न विभागों से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को नियमित रूप से आम जनता की जन सुनवाई आयोजित की जाए,ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। आमजनों की समस्याओं को समाधान के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से आरटीपीएस एवं राशन कार्ड से संबंधित लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को इनका शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी प्रखंडों में “सहयोग शिविर” के आयोजन को लेकर भी आवश्यक तैयारी करने का निर्देश दिया।
बैठक में जनगणना कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को जनगणना कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया,ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारियों को गैस एजेंसियों का निरीक्षण करने तथा अनुमंडल पदाधिकारियों को गैस एजेंसियों के साथ बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं होम डिलीवरी की सेवा में लापरवाही पाई जाती है,तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मानवाधिकार,लोकायुक्त, आरटीपीएस, न्यायालयों में लंबित वाद, मुख्यमंत्री जनता दरबार, एसी/डीसी बिल, सहकारिता, कृषि, राजस्व एवं जन शिकायत सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, उप विकास आयुक्त स्वप्निल, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजेश कुमार गुप्ता, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) राकेश कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
वहीं,अनुमंडल पदाधिकारी,प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।





