इस अवसर पर समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक भी की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने पोषण क्षेत्रों में पखवाड़ा के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने बताया कि पखवाड़ा के तहत पाँच प्रमुख बिंदुओं—मां और बच्चे का पोषण, 0 से 3 वर्ष के बच्चों के लिए प्रोत्साहन, 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षा एवं स्क्रीन टाइम में कमी (मोबाइल का प्रयोग )नहीं तथा सशक्त आंगनबाड़ी के माध्यम से जनभागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जीवन के पहले बच्चों की 6 वर्षों में मस्तिष्क की विकास को अधिकतम करना और बचपन के पहले 6 साल पोषण पढ़ाई के लिए है बेमिसाल
6 वर्ष तक की आयु तक के बच्चों को 85% मस्तिष्क का विकास हो जाता है* *बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देने के लिए ही पोषण पखवाड़ा मनाई जाती है यह पखवाड़ा 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक चलेगी। कार्यक्रम को विभागीय निर्देश के आलोक में करने के लिए सभी अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने बच्चों को मोबाइल से दूर रखने पर बल देते हुए सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया कि महिला पर्यवेक्षिकाओं का एफआरएस पर शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करें।
“खराब प्रदर्शन करने वाली 09 महिला पर्यवेक्षिकाओं से स्पष्टीकरण मांगने तथा सभी लंबित कार्यों को सात दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान टीएचआर वितरण, आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के वजन एवं ऊंचाई की नियमित मापी तथा उसे पोर्टल पर अद्यतन करने की समीक्षा की गई।कार्य में लापरवाही करने वाले महिला पर्यवेक्षकों को टर्मिनेट करने की चेतावनी दी गई।
जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ को पर्यवेक्षिका-वार नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा सभी इंडिकेटरों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का शख्त निर्देश दिया।
एफआरएस की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने संबंधित पर्यवेक्षिकाओं की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, पोर्टल पर डेटा की समयबद्ध एवं त्रुटिरहित प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए कार्ययोजना तैयार करने, निरीक्षण व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) को प्रतिदिन परियोजना-वार समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं कन्या उत्थान योजना के लाभार्थियों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही, आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका की मृत्यु की स्थिति में एक सप्ताह के भीतर अनुग्रह अनुदान हेतु प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी ICDS योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में तेजी लाएं तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी चांदनी सिंह, सभी प्रखंडों के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) एवं महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित रहीं l





