Sunday, April 19, 2026
Homeमंत्री एवं जिलाधिकारी के कर कमलों से पलनाघर” का उद्घाटन

मंत्री एवं जिलाधिकारी के कर कमलों से पलनाघर” का उद्घाटन

- Advertisement -

माननीय मंत्री महोदय ने संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण तथा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु निरंतर प्रयासरत है। “पलनाघर” कार्यरत महिलाओं के लिए एक सुरक्षित एवं सहायक वातावरण प्रदान करेगी,जिससे वे अपने बच्चों की देखभाल की चिंता से मुक्त होकर कार्य कर सकें।

- Advertisement -

उन्होंने कहा कि आज के समय में जब महिलाएँ विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं,तब छोटे बच्चों की सुरक्षित देखभाल एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में पालना घर की स्थापना एक सराहनीय पहल है,जो महिलाओं को निश्चिंत होकर अपने कार्यों में भाग ले सकेंगी।
उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पालना घरों में बच्चों को सुरक्षित वातावरण एवं प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलता है।

- Advertisement -

यह व्यवस्था न केवल बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाती है, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी योगदान देती है।
कार्यक्रम के दौरान पालनाघर में नवचयनित सहायक क्रेच वर्कर श्रीमती बेबी कुमारी को माननीय मंत्री जी द्वारा नियुक्ति पत्र दिया गया एवं उपस्थित बच्चों को चॉकलेट एवं गुलाब फुल भेंट स्वरुप प्रदान किये।
जिलाधिकारी ने कहा कि “पलनाघर” की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केंद्र महिलाओं के सशक्तिकरण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
साथ ही दरभंगा समाहरणालय परिसर में बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री श्री मदन सहनी और जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार द्वारा दिव्यांगजनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 100 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के लाभुकों को प्रदान किये।

माननीय मंत्री महोदय ने संबोधित करते हुए कहा की राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “पूरे बिहार में अब तक 30,000 से अधिक मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया जा चुका है।
सरकार ने इसके लिए दिव्यांगता के प्रतिशत को 60 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा,18 वर्ष से कम आयु के स्कूली छात्र-छात्राओं को भी इसका लाभ देने पर विचार किया जा रहा है ताकि उन्हें स्कूल आने जाने में कठिनाई न हो।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि सभी प्रमंडलों में मूक-बधिर और नेत्रहीन बच्चों के लिए 500 की क्षमता वाले विशेष विद्यालय खोले जाएंगे। साथ ही, ‘मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत बीपीएससी और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों को क्रमशः 50 हजार और 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने ‘पालना घर’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह राज्य का 78वां और दरभंगा पुलिस लाइन के बाद जिले का दूसरा पालना घर है।
उन्होंने कहा, “समाहरणालय और आसपास के कार्यालयों में काम करने वाली महिलाओं को अपने बच्चों की देखभाल में मदद हेतु निःशुल्क पालना घर खोला गया है*इसकी अभी 10 बच्चों की कैपेसिटी है

पालना घर क्षमता 10 बच्चों की है और वर्तमान में 7 बच्चों का नामांकन हो चुका है। यहां काम के दौरान माताएं अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकती हैं।”
ट्राईसाइकिल वितरण के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना (संबल)’ के तहत जनवरी महीने में जिले से लगभग 1300 आवेदन स्वीकृत किए गए थे। इनमें से प्रथम चरण में 420 साइकिलों का आवंटन प्राप्त हुआ है।
आज 100 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया है,जबकि 80 साइकिलें अन्य प्रखंडों के लाभार्थियों को दी जाएंगी।

शेष साइकिलों का वितरण भी 10 अप्रैल से पूर्व कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना का लाभ शत-प्रतिशत योग्य लोगों तक पहुंचाने के लिए जनवरी में पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर ऑनलाइन आवेदन करवाए गए थे।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त दरभंगा श्री स्वप्निल, वरीय कोषागार पदाधिकारी श्री शंभू कुमार आर्य , उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद,जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस ,श्रीमती चाँदनी सिंह, सहायक निदेशक दिव्यांगजन कोषांग आशीष अमन,सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग शशि रंजन,जिला परियोजना प्रबंधक ,श्री ब्रजेश कुमार ,जिला मिशन समन्वयक ,श्री ऋषि कुमार,केंद्र प्रशासक अजमतुन निशा,समेत महिला एवं बाल विकास निगम , लाभार्थी एवं आमजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे

- Advertisement -
RELATED ARTICLES

Most Popular