
दरभंगा जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। शुक्रवार की सुबह घना कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी कम होने से वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 23-24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9-11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
पछिया हवा 5 से 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है। जिससे ठंड और बढ़ेगी। ठंड बढ़ने से बुजुर्गों और बच्चों की परेशानी भी बढ़ गई है। डॉक्टरों की मानें तो इस मौसम में हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। प्रशासन की ओर से अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। जिसके चलते लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
कोहरे ने बढ़ाई लगाई परेशानी।
50 मीटर की दूरी तक नहीं दिख रहा था
ग्रामीण विश्वजीत चौधरी ने बताया कि सुबह घर से निकलते ही चारों तरफ सिर्फ अंधेरा और घना कोहरा नजर आ रहा था। 50 मीटर की दूरी तक भी दिखाई नहीं दे रहा था। मजबूरी में शॉल ओढ़कर, टोपी, मौजा और जूता पहनकर निकला हूं। इस सीजन की सबसे ज्यादा ठंड महसूस हो रही है। लगता है ठंड का प्रकोप अभी 10 दिनों तक ऐसे ही रहेगा। बचाव के लिए हम लोग खुद अलाव जला रहे हैं, प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है।
किसानों को होगा फायदा
स्थानीय नवीन कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में बढ़ी ठंड और घना कुहासा जहां आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, वहीं किसानों के लिए यह मौसम कई मायनों में लाभदायक भी साबित हो रहा है। लो-टेम्परेचर और कुहासा गेहूं की फसल के लिए वरदान की तरह काम करेगा। इससे उपज में बढ़ोतरी की संभावना रहती है।
सुबह के समय चारों तरफ कोहरा छाया रहा।
ठंड में सावधानी बरतने की सलाह
ठंड का असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। अत्यधिक ठंड में हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से शहर और गांवों के प्रमुख स्थानों पर अलाव की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही कहा कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी ठंड से बचाव की सुविधाएं पुख्ता की जानी चाहिए।