यूट्यूबर की पिटाई पर गरजा RJD, दरभंगा में महाधरना, मंत्री जीवेश को बर्ख़ास्त करने की मांग।
दरभंगा का सियासी पारा इस वक्त चरम पर है। यूट्यूबर दिलीप सहनी के साथ मारपीट के मामले ने पूरे बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सिंहवाड़ा थाना पहुँचकर न केवल दिलीप के पक्ष में FIR दर्ज कराई, बल्कि सीधे तौर पर मंत्री जीवेश कुमार पर निशाना साधा। इसके बाद घटनाक्रम ने ऐसा तूल पकड़ा कि दरभंगा की सियासत सड़कों पर आ गई।
इस मामले में अबतक तीन प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं। दिलीप सहनी के समर्थन में खड़ी RJD ने मंगलवार को दरभंगा के कर्पूरी चौक पर महाधरना दिया। धरना स्थल पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अली असरफ फातमी, पूर्व विधायक भोला यादव, पूर्व मंत्री ललित यादव, ऋषि मिश्रा समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जमकर सरकार विरोधी नारेबाज़ी की और मांग उठाई कि मुख्यमंत्री तुरंत मंत्री जीवेश कुमार को पद से बर्ख़ास्त करें।
राजद नेता पन्ना यादव ने आरोप लगाया कि मंत्री जीवेश कुमार की हरकत ने बिहार को 90 के दशक की सामंतवादी राजनीति की याद दिला दी। उन्होंने कहा कि एक यूट्यूबर का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने जर्जर सड़क पर सवाल पूछा। मंत्री ने जातिगत अहंकार दिखाते हुए न सिर्फ उसकी पिटाई की बल्कि गाड़ी में खींचने का प्रयास भी किया। यह हरकत नीच सोच और सामंतवादी मानसिकता का प्रतीक है।
वरिष्ठ नेता भोला यादव ने तो सीधा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरते हुए कहा कि यह सरकार दलित-पिछड़ों पर कहर बरपाने वाली प्रवृत्ति को संरक्षण दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री की मां पर टिप्पणी हुई तो पूरे देश में हंगामा मचाया गया, लेकिन जब एक अतिपिछड़े समाज के बेटे और उसकी मां को गाली दी गई तो चुप्पी क्यों?
धरने में मौजूद नेताओं ने साफ कहा कि यह मामला सिर्फ एक यूट्यूबर का नहीं, बल्कि अतिपिछड़ा समाज के सम्मान का है। तेजस्वी यादव इस पूरे घटनाक्रम को जातीय अस्मिता बनाम सत्ता के घमंड की लड़ाई की शक्ल देने की कोशिश में हैं। राजद ने मंत्री जीवेश कुमार की तत्काल बर्ख़ास्तगी के साथ यूट्यूबर दिलीप सहनी व उनके परिवार को सुरक्षा की मांग की है।
दरभंगा का यह महाधरना अब सीधे पटना की सत्ता को चुनौती दे रहा है। सवाल यही है कि क्या नीतीश कुमार मंत्री पर कार्रवाई करेंगे या फिर यह विवाद बड़े राजनीतिक संग्राम में तब्दील होगा।
