मधुबनी के जेल में दिखा अलग नजारा!कोर्ट के आदेश पर दुष्कर्म आरोपित को करना पड़ा ये काम।
आरोपित की जमानत याचिका जिला अदालत से खारिज हो चुकी थी। इसके बाद उसने पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। वहां उसने यह दलील दी कि अब पीड़िता के साथ उसका समझौता हो गया है और दोनों अच्छे संबंधों में हैं।
हाईकोर्ट का हस्तक्षेप
हाईकोर्ट ने इस दलील पर एडीजे कोर्ट को निर्देश दिया कि वह दोनों के संबंधों और साथ रहने की स्थिति का सत्यापन करे। इसके आधार पर ही जमानत पर फैसला होना था।इसके बाद आरोपित और पीड़िता ने अदालत में शादी करने की इच्छा जताई। लेकिन आरोपित जेल में था और पीड़िता बाहर। ऐसे में अदालत ने जेल परिसर में ही विवाह की अनुमति दे दी।
मंडल कारा में शादी का आयोजन
अदालत के आदेश पर मंगलवार को मंडल कारा परिसर में दोनों का विवाह संपन्न हुआ।शादी में संबंधित पक्षों के अधिवक्ता मौजूद रहे।मंडल कारा के अधीक्षक ओम प्रकाश शांति भूषण ने पुष्टि की कि अदालत के आदेश के बाद यह विवाह कराया गया है।शादी से जुड़े साक्ष्य अदालत में पेश किए जाएंगे।
