ACS ने स्कूल में बंद नल को चला कर देखा:बेगूसराय में गंदगी देखकर एस सिद्धार्थ भड़के; सुरक्षा गार्ड से चलवाया चापाकल।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ आज बेगूसराय पहुंचे। इन्होंने बरौनी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय असुरारी और उच्चतर माध्यमिक स्कूल असुरारी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों की संख्या की प्रशंसा की। साथ ही स्कूल के व्यवस्था में गड़बड़ी देखकर जमकर फटकार भी लगाई।
एस. सिद्धार्थ सबसे पहले मध्य विद्यालय असुरारी पहुंचे। यहां उन्होंने सभी क्लास रूम में जाकर व्यवस्था को देखा। स्कूल परिसर की भी स्थिति उन्होंने देखी। जिसमें बड़ी गड़बड़ी पाई गई। स्कूल के कमरों में पंखा नहीं चल रहा था, तो बल्ब भी नहीं लगे थे। पीने के पानी की समस्या थी।
कुछ कमरे में क्लास चलने के बदले कबाड़ गोदाम बनाया गया था। एक कमरा में किताब भरा हुआ था, तो दूसरे कमरे में टूटे बेंच और व्हीलचेयर रखे हुए थे। इसे देखकर अपर मुख्य सचिव ने जमकर फटकार लगाई। वे पेयजल की व्यवस्था लेने निकले, तो एक-एक नल को चलाकर खुद से देखा। नल से पानी नहीं आ रहा है। गार्ड से चापाकल चलवाकर निरीक्षण किया गया है।
प्रिंसिपल व अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए
चापाकल को खुद चलाने के साथ ही अपने सुरक्षा गार्ड से भी एसीएस ने चलवाया। नल से पानी नहीं आ रहा था और न ही चापाकल चल रहा था। इस दौरान गंदगी देखकर एस. सिद्धार्थ भड़क उठे। प्रिंसिपल व अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। मध्य स्कूल के बाद सिद्धार्थ उच्चतर माध्यमिक स्कूल असुरारी पहुंचे।
क्लास में छात्रों से अधिक ऊंचाई का बोर्ड देख अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया। एसीएस ने कहा कि सही जगह पर बोर्ड लगे। जिससे शिक्षक और छात्र दोनों सही तरीके से लिख सके। उन्हें असुविधा नहीं हो। इस दौरान डीएम तुषार सिंगला, डीईओ मनोज कुमार सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
दोनों स्कूलों का जायजा लेने के बाद एस. सिद्धार्थ ने कहा कि विद्यालय का निरीक्षण करने आए थे, यहां बच्चे अच्छी संख्या में हैं। देखने आए थे कि स्कूलों में क्या है और विकास के लिए और क्या कुछ हो सकता है। ऊपर क्लास का जो भी सेक्शन है और टीचर की व्यवस्था का जायजा लिया है। विद्यालय के मेंटेनेंस की स्थिति अच्छी नहीं है।
मेंटनेंस की हालत ठीक करने का निर्देश
मेंटनेंस की हालत ठीक करने का निर्देश दिया गया है। हम लोग चाहते हैं कि गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई हो। लोग स्कूल में कम कमरे की बात करते हैं, लेकिन जहां कमरा है, वहां कबाड़ भरा रहता है, यह चिंता का विषय है। यहां कमरे में पढ़ाई कराने के बदले कचरा भरकर रखा गया है, यह अच्छी बात नहीं है। हमने प्रिंसिपल को सफाई रखने का निर्देश दिया है।
बच्चों को कोई असुविधा नहीं हो, इस पर विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है। हम लोग पैरेंट से भी बात कर रहे हैं। इस साल की राशि अगस्त महीने में उपलब्ध करवा देंगे। सभी स्कूलों में खेल के मैदान की व्यवस्था होगी, सुधार यह एकमात्र लक्ष्य है। सभी बच्चे स्कूल आएं और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा अटेंड करें। इस लक्ष्य पर सभी लोग काम कर रहे हैं।
मिथिला की परंपरा के अनुसार स्वागत
स्कूल का निरीक्षण करने के बाद अपर मुख्य सचिव सिमरिया गंगा घाट पहुंचे। यह भी उन्होंने चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। इसके बाद सर्वमंगला सिद्धाश्रम पहुंचे। जहां की संस्थापक स्वामी चिदात्मन ने प्रमुख सचिव एस. सिद्धार्थ व डीएम तुषार सिंगला का मिथिला की परंपरा के अनुसार अंग वस्त्र, पाग और पंचांग से स्वागत किया।
