बच्चे की मां घंटों तक अस्पताल परिसर में स्टेचर पर अपने बेटे को लेकर इधर-उधर भटकती रही, लेकिन न तो किसी डॉक्टर ने देखने की ज़हमत उठाई और न ही स्टाफ ने सहयोग किया। बार-बार अलग-अलग वार्ड में भेजा गया और इलाज की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। अंततः इलाज न मिलने के कारण अमरजीत की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना की तस्वीरें हर किसी को झकझोर देने वाली हैं, जिनमें मां अपने मृतप्राय बेटे को बचाने की आस में इधर-उधर दौड़ती नजर आती है। मौके पर मौजूद लोगों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाए और घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
यह घटना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करे, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर नजर आती है। सवाल यह है कि कब तक मरीजों की जिंदगी इस तरह की लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी?