मधुबनी । मधुबनी शहर के वार्ड छह की गरीबनाथ मंदिर सड़क वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। यह सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।
हल्की बारिश में भी यहां इस कदर जलजमाव हो जाता है कि महीनों तक लोगों को परेशानी झेलनी होती है। यहां के लोगों की शिकायत है कि सफाई व्यवस्था बदहाल है। सफाईकर्मी यहां नहीं आते हैं। गंदगी के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गली में दर्जनों होम्योपैथिक और अंग्रेजी दवा दुकानें हैं, जहां रोजाना सैकड़ों मरीज दवा लेने आते हैं। लोगों का कहना है कि यहां की बदहाली के बारे में निगम के अधिकारी व जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की लेकिन किसी ने समाधान की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया।
मोहल्ले की पुष्पा देवी, गौरी देवी, संगीता देवी, सविता देवी, सुशीला मिश्रा, संगीता चौधरी आदि ने कहा कि बारिश के मौसम में इस गली की हालत काफी दयनीय हो जाती है। सड़कों पर इतना पानी भर जाता है कि पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो जाता है।
जलनिकासी नहीं होने के कारण कई महीनों तक यह मार्ग बंद रहता है। इससे न सिर्फ आम लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है, बल्कि व्यापार और दैनिक गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं। दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और मरीजों को इलाज के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता है। लोगों ने बताया कि इस गली में छोटे बच्चों के स्कूल का संचालन होता है। महीनों तक सड़कों पर गंदे पानी का जमाव रहता है, जिससे बच्चों को संक्रमण और बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है।
अभिभावकों की चिंता है कि इस गंदगी में बच्चों का स्कूल आना-जाना खतरनाक हो सकता है। स्थानीय लोगों ने कई बार नगर निगम से शिकायत की, ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के समाधान की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। अधिकारियों की उदासीनता से गली बदहाल है। गली से गुजरते समय कई लोग दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं। वर्षों से उपेक्षित है सड़क: लोगों का कहना है कि गरीबनाथ मंदिर गली वर्षोंं से उपेक्षा और प्रशासनिक उदासीनता का शिकार है। यहां के लोगों का जीवन रोजमर्रा की समस्याओं से घिरा हुआ है। जर्जर सड़क को फिर से बनाये जाने के बाद जलजमाव की समस्या का समाधान संभव है।
बारिश के मौसम में गली की हालत और भी खराब हो जाती है। सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि यहां से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। कई बार लोग चोटिल हो जाते हैं। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने और सड़क की मरम्मत नहीं होने से गंदे पानी का जमाव महीनों तक बना रहता है। लोगों का कना है कि गंदे पानी व मच्छरों के प्रकोप से लोग बीमार हो जाते हैं। यह गली सिर्फ आम लोगों के आवागमन के लिए नहीं, बल्कि जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र भी है, क्योंकि यहां दर्जनों दवा दुकानें हैं।
लेकिन सड़क की दुर्दशा देखकर ऐसा लगता है जैसे प्रशासन ने इन दुकानों और लोगों के जीवन को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया हो। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार नगर निगम को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बीमारियों की चपेट में आने से बेहतर है कि सड़क की मरम्मत कराई जाए ताकि लोग अस्पताल जाने की नौबत से बच सकें।
नाला निर्माण नहीं और साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं होने से समस्या: गरीबनाथ मंदिर गली की हालत देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजना सिर्फ कागजों पर सजी-संवरी है, लेकिन धरातल पर इसका कोई असर नजर नहीं आता। इस योजना के अंतर्गत हर वार्ड में सड़क, गली और नाले के निर्माण का वादा किया गया था, लेकिन इस गली की जमीनी सच्चाई इससे कोसों दूर है। इस गली में न तो नाला बना है, न ही साफ-सफाई की कोई नियमित व्यवस्था है। नतीजतन, थोड़ी सी बारिश में गली की सड़कों पर गंदा पानी भर जाता है, जिससे जलजमाव और बदबू के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
स्थानीय लोग सालों से इसी गंदगी और अव्यवस्था के बीच रहने को मजबूर हैं। यह स्थिति मुख्यमंत्री की विकास योजनाओं की पोल खोलती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी कोई जनप्रतिनिधि या नगर निगम अधिकारी से इस बारे में पूछा जाता है, तो वही पुराना जवाब मिलता है – ‘काम जल्द शुरू होगा। लेकिन ये वादे अब वर्षों से सुनते-सुनते बासी हो चुके हैं। गली की हालत जस की तस बनी हुई है और लोगों का भरोसा अब इन वादों से उठ चुका है।
मोहल्ले में नहीं पहुंचते सफाईकर्मी नगर निगम के अधिकारी चाहे जितना दावा कर ले कि मधुबनी शहर में प्रतिदिन सफाई हो रही है, लेकिन वार्ड संख्या 6 की गरीबनाथ मंदिर गली की हालत इन दावों की पोल खोल कर रख देती है। यहां की जमीनी सच्चाई यह है कि गली में जगह-जगह गंदा पानी भरा रहता है। कूड़ा-कचरा सड़कों पर बिखरा पड़ा होता है और बदबू से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति सिर्फ एक-दो दिन की नहीं, बल्कि महीनों तक बनी रहती है। खासकर बारिश के मौसम में तो हालात और भी भयावह हो जाते हैं।
गली की सड़कें जलजमाव के कारण कीचड़ में बदल जाती हैं और आसपास फैले कूड़े-कचरे से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मोहल्लेवासी मजबूर हो जाते हैं कि वे कई दिनों तक अपने ही घरों में बंद रहें, क्योंकि बाहर निकलना मतलब बीमारी को दावत देना है। नगर निगम का दावा है कि नियमित सफाई की जा रही है, लेकिन इस गली में न तो कोई सफाईकर्मी नजर आता है, न ही कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था है।
यहां के लोग बार-बार शिकायत करने के बाद भी सिर्फ आश्वासन ही पाते हैं। -बोले जिम्मेदार- वार्ड-6 में सड़क,नाला व जलजमाव की समस्याओं को दूर करने के लिए योजनाएं बनायी गयी हैं। योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। लंबे समय से लोगों को जलजमाव की समस्या थी, जो अब जल्द खत्म हो जाएगी। नगर निगम की ओर से सड़क, नाला और जलजमाव की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। -अनिल कुमार चौधरी, नगर आयुक्त, मधुबनी





