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बिल पास कराऊंगा पहले चढ़ावा चढ़ाओ, बिहार में ACB ने सरकारी इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा।

बिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ACB ने दरभंगा एयरफोर्स स्टेशन में छापेमारी कर MES के इंजीनियर कौशलेश कुमार को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा. टीम मजदूर बनकर पहुंची और फिल्मी अंदाज़ में ऑपरेशन को अंजाम दिया.

बिहार में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर कड़ा कदम उठाया है. शनिवार को पटना से आई ACB की विशेष टीम ने दरभंगा एयरफोर्स स्टेशन में छापा मारकर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) के असिस्टेंट गेरिशन इंजीनियर कौशलेश कुमार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

 

सूत्रों के अनुसार इंजीनियर ने एक सड़क निर्माण कार्य में बिल पास कराने के नाम पर ठेकेदार से पैसे की मांग की थी. जब ठेकेदार ने इसकी शिकायत ACB को दी, तो टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ऑपरेशन को अंजाम दिया.

चार महीने से चल रहा था सड़क निर्माण, इंजीनियर बना रहा था दबाव
एयरफोर्स स्टेशन परिसर में एक नई सड़क का निर्माण कार्य बीते चार महीनों से चल रहा था. यह सड़क टर्मिनल के समीप बनाई जा रही थी. शुरुआत में कार्य सामान्य गति से चला, लेकिन बीच में तकनीकी कारणों से थोड़ी देरी हुई. जब कार्य फिर से शुरू हुआ तो अभियंता कौशलेश कुमार ने ठेकेदार से बिल प्रोसेसिंग के एवज में घूस मांगनी शुरू कर दी. बताया गया कि अभियंता लगातार संवेदकों पर रिश्वत देने का दबाव बना रहा था. इसके चलते ठेकेदार ने निर्माण कार्य को रोकते हुए ACB से संपर्क साधा.

ACB का फिल्मी अंदाज़ में ऑपरेशन, मजदूर बनकर परिसर में घुसे अधिकारी
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे ACB की टीम मजदूरों के भेष में एयरफोर्स स्टेशन परिसर में दाखिल हुई. जैसे ही अभियंता ने रिश्वत की राशि हाथ में ली, टीम ने तुरंत उन्हें घेरकर धर दबोचा. कार्रवाई इतनी तेज और सटीक थी कि अभियंता को संभलने का मौका तक नहीं मिला.

इसके बाद अभियंता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है. ACB की टीम उनके सरकारी और निजी दस्तावेजों की भी जांच कर रही है.

 

एयरफोर्स प्रशासन मौन, जांच की आंच कई और अफसरों तक
इस कार्रवाई के बाद दरभंगा एयरफोर्स प्रशासन की तरफ से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई. एयरपोर्ट डायरेक्टर नावीद नाजिम ने भी इस संबंध में कोई जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया. इधर, ACB की शुरुआती जांच यह संकेत दे रही है कि इंजीनियर अकेला नहीं था. इस रिश्वतखोरी में अन्य अधिकारी और क्लर्क भी संलिप्त हो सकते हैं। टीम इन पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है.

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