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बिहार के मधुबनी में गैस सिलेंडर लीक होने से भीषण हादसा, मासूम की मौत, परिवार के 4 लोग गंभीर।

बिहार के मधुबनी जिले के लदनियां प्रखंड क्षेत्र के कटहा गांव में शुक्रवार की शाम गैस सिलेंडर लीक होने से दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। गैस पूरे घर में फैलने के बाद अचानक आग भड़क उठी, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोग बुरी तरह झुलस गए। इलाज के

 

बिहार के मधुबनी जिले के लदनियां प्रखंड क्षेत्र के कटहा गांव में शुक्रवार की शाम गैस सिलेंडर लीक होने से दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। गैस पूरे घर में फैलने के बाद अचानक आग भड़क उठी, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोग बुरी तरह झुलस गए। इलाज के दौरान छह महीने के मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाकी चार लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।

रसोई में गैस लीक होते ही लगी आग

 

छपरा में डबल मर्डर से सनसनी, सड़क किनारे मिले दो युवकों के शव स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसा शुक्रवार शाम करीब 7 बजे हुआ। घर की रसोई में गैस रिसाव के चलते अचानक आग लग गई, जो तेजी से पूरे घर में फैल गई। हादसे के वक्त 30 वर्षीय रविंद्र चौधरी, उनकी पत्नी मुन्नी देवी (27) और तीन छोटे बच्चे घर में मौजूद थे। आग लगते ही पूरा परिवार जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगा, लेकिन तब तक वे बुरी तरह झुलस चुके थे। आग की लपटें उठती देख ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक घर का सारा सामान जलकर खाक हो चुका था।

 

 

अस्पताल ले जाते समय 6 महीने के बच्चे ने तोड़ा दम आग की चपेट में आए सभी घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें दरभंगा रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही 6 महीने के मासूम आर्यन ने दम तोड़ दिया, जबकि 6 साल की पुष्पा, 4 साल के अंकुश और उनके माता-पिता की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। पीड़ित परिवार के मुखिया उपेंद्र चौधरी ने प्रशासन से सहायता की मांग की है।

 

उन्होंने लदनियां थाना और अंचल कार्यालय में आवेदन देकर मुआवजे की गुहार लगाई है। पटना एम्स में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा परिवार हादसे में झुलसे चारों लोगों को बेहतर इलाज के लिए पटना एम्स रेफर कर दिया गया है, जहां उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन सवाल उठता है कि क्या गैस सिलेंडर लीक होने जैसी घटनाओं से बचने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे या फिर ऐसे दर्दनाक हादसे यूं ही होते रहेंगे?

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