आज मंगलवार की सुबह जब ग्रामीणों ने देखा कि रेलवे ढ़ाला बंद कर दिया गया है, तो उन्होंने रेलवे अधिकारियों से इस बारे में जानकारी ली, लेकिन गार्ड ने गोलमटोल जवाब दिया। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रेलवे अधिकारियों के खिलाफ विरोध जताया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन बालू, सीमेंट, गिट्टी, छड़ से लोड वाहन गुजरते हैं, और अब ढ़ाला बंद होने से सैंकड़ों वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा, अंडर पास सड़क मार्ग जो ढ़ाले के बगल में बनाया गया है, वह भारी वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और ग्रामीणों की तरफ से रेल प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है।





