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दरभंगा  :  समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर जुलाई से दौड़ेंगी ट्रेनें:जून में रामभद्रपुर से थलवारा लाइन का काम पूरा करने का लक्ष्य, मिट्टीभराई हुई पूरी

पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर चौथे चरण में रामभद्रपुर-थलवारा 12 किलोमीटर में चल रहा दोहरीकरण के कार्य को 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उम्मीद की जा रही है कि जुलाई से इस खंड की दोहरी लाइन पर समस्तीपुर-दरभंगा के बीच ट्रेन का चलना शुरू हो जाएगा।

ट्रेनों की लेट लतीफी कम होगी। उधर, दोहरीकरण को लेकर हायाघाट स्टेशन के पास बने सबवे नंबर 15 बी पर भी कार्य शुरू करने के लिए दरभंगा जिला प्रशासन से अनुमति मिल गई है। निर्माण कार्य को लेकर इस सब-वे को बंद किया जाएगा। सब-वे की लंबाई 32 मीटर की जाएगी।

मिट्टीकरण का काम पूरा हो गया है

रेलवे के निर्माण विभाग के इंजीनियर ने बताया कि रामभद्रपुर से हायाघाट और थलवारा-हायाघाट 12, दोनों और से कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इन स्टेशनों के बीच मिट्टीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। पुल नंबर- 15 ए और 15 बी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जबकि इस खंड की मेजर ब्रिज नंबरी 14 और बागमती नदी पर पुल नंबर-16 और करेह नदी पर पुल नंबर 17 पर करीब 70 फीसदी तक कार्य पूरा हो चुका है।

इस कार्य को 30 जून से पहले पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही रेलवे लाइन भी बिछा दिया जाएगा। काम पूरा होने पर जुलाई महीने से सीआरएस इस खंड का निरीक्षण कर सकते हैं। इसके बाद अनुमति मिलते ही ट्रेनों को शुरू कर दिया जाएगा।

पुल का निर्माण कार्य चल रहा है।
निर्माण कार्य अवधि तक सबवे 15 बी पर आवाजाही होगी बंद

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि हायाघाट स्टेशन के पास 15 बी पहले रेलवे गुमटी था, लेकिन जाम की समस्या को देखते हुए आमान परिवर्तन के दौरान इसके स्थान पर सबवे का निर्माण कराया गया। अब दोहरीकरण हो रहा है। ऐसी स्थिति में सब-वे की लंबाई भी बढ़ाई जानी है। इसकी लंबाई अब 32 मीटर होगी। ऐसी स्थिति में इस सब-वे को निर्माण अवधि के लिए बंद करना होगा।

रेलवे के निर्माण विभाग के किए गए पत्राचार के आधार पर दरभंगा के डीएम ने कार्य शुरू करने से 15 दिन पहले विज्ञापन प्रकाशित कराकर कार्य शुरू करने को कहा है ताकि इस रास्ते जाने वाले लोगों को परेशानी नहीं हो, उन्हें पूर्व में जानकारी मिल जाए।

इस सब-वे को किया जाएगा बंद।
एक नजर में दोहरीकरण

साल 2015 में 519 करोड़ की लागत से दोहरीकरण का कार्य शुरू हुआ, जिसमें रेलवे ट्रैक और पुल के लिए 491 करोड़, 28 करोड़ रुपए इलेक्ट्रिक वायरिंग के लिए आवंटित हुई थी। इस कार्य को 3 साल के अंदर पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन 9 सालों में 28 किलोमीटर रेलवे सफर तय कर पाई है। जबकि कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए योजना को तीन चरणों में बांटा गया था। रेलवे के निर्माण विभाग की ओर से इस खंड पर पहले चरण में समस्तीपुर-किशनपुर 10.50 किलोमीटर और दूसरे चरण में दरभंगा-थलवारा 9.50 किलोमीटर में दोहरीकरण का कार्य पूरा हुआ है।

तीसरे चरण में किशनपुर-रामभद्रपुर के बीच कार्य पूरा हो चुका है। कार्य में देरी को देखते हुए इस योजना को फिर शेष बचे रेलखंड को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में रामभद्रपुर-हायाघाट और दूसरे चरण में हायाघाट-थलवारा के बीच कार्य को पूरा करना है। जिस पर दोनों ओर से कार्य चल रहा है। ताकी योजना को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।

डीआरएम विनय श्रीवास्तव ने कहा कि रामभद्रपुर से थलवारा युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। 30 जून तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। पूरी कोशिश की जा रही है कि समय सीमा के अंदर कार्य पूरा कर परिचालन शुरू किया जा सके।

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