रेलवे की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए के लिए सहरसा में 70 साल बाद बुल्डोजर चला और रेलवे की भूमि पर बने कई अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
सहरसा में रेलवे की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए चलाए गए अभियान के कारण शहर में हड़कंप मचा हुआ है। मंगलवार से शुरू हुए इस अभियान में रेलवे और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए कई अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
सहरसा नगर निगम क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर कई सालों से अतिक्रमण चल रहा था। इस अतिक्रमण को हटाने के लिए रेलवे ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर एक अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान बुलडोजर की मदद से कई अवैध दुकानें और निर्माण ढांचे को गिरा दिया गया।
दुकानदारों का विरोध
इस कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों ने इसका विरोध किया। उनका कहना है कि उन्होंने कई सालों से इन दुकानों से अपना जीवन यापन कर रहे थे और अचानक से उन्हें बेघर कर दिया गया है। उन्होंने इस कार्रवाई को एकतरफा बताया और प्रशासन से न्याय की मांग की।
प्रशासन का पक्ष
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई रेलवे की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए पहले से ही दुकानदारों को नोटिस दिया गया था।
रेलवे का बयान
समस्तीपुर मंडल के डीआरएम ने बताया कि यह अभियान रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर के कई स्थानों पर रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया था, जिसे हटाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
लोगों की प्रतिक्रिया
इस घटना को लेकर शहर के लोगों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग प्रशासन के इस कदम का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ लोग दुकानदारों के साथ सहानुभूति रख रहे हैं।




