Friday, June 26, 2026
Homeसहरसा  : सहरसा में मोर अभयारण्य की मांग फिर उठी:सीएम नीतीश की...

सहरसा  : सहरसा में मोर अभयारण्य की मांग फिर उठी:सीएम नीतीश की प्रगति यात्रा से पहले ग्रामीणों में जगी उम्मीद, 7 साल पहले की थी घोषणा

- Advertisement -

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 23 जनवरी को प्रगति यात्रा के तीसरे चरण में सहरसा पहुंच रहे हैं। इस दौरान वे सत्तर कटैया प्रखंड के मेनहा और बिशनपुर गांव में विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री की इस यात्रा को लेकर स्थानीय लोग उत्साहित हैं, लेकिन आरण गांव के ग्रामीणों में निराशा भी है, जो सात साल पहले मुख्यमंत्री की मोर अभयारण्य बनाने की घोषणा के बाद से अब तक पूरी नहीं हो पाई।

- Advertisement -

 

- Advertisement -

 

- Advertisement -

आरण गांव में मोर अभयारण्य बनाने की घोषणा

आरण गांव के ग्रामीणों का कहना है कि कई दशक पहले अभिनन्दन कुमार उर्फ कारी झा ने पंजाब से मोरों की एक जोड़ी लाकर गांव में बसाई थी, जिसके बाद मोरों की संख्या तेजी से बढ़ी और अब गांव में एक हजार से अधिक मोर विचरण करते हैं। इस कारण से गांव में खुशहाली का माहौल बना हुआ है।

 

 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात साल पहले आरण गांव का दौरा किया था और मोर अभयारण्य बनाने की घोषणा की थी। ग्रामीणों के मुताबिक, मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद आरण गांव को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की उम्मीदें जगी थीं। पटना से कई टीमें सर्वेक्षण के लिए भी आईं और काम जल्द शुरू होने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक मोर अभयारण्य का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों में निराशा का माहौल है।

 

 

ग्रामीणों की उम्मीदें

अब, जब मुख्यमंत्री प्रगति यात्रा के तहत आरण गांव के करीब पहुंच रहे हैं, तो एक बार फिर ग्रामीणों और बुद्धिजीवियों में उम्मीदें जाग उठी हैं। उनका मानना है कि मोर अभयारण्य का निर्माण न केवल मोरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री को इस बार उनकी पुरानी मांगों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।

 

 

मोर अभयारण्य की स्थापना से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि आरण गांव को एक नई पहचान भी मिलेगी। इसके अलावा, इस कदम से सहरसा को पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान मिल सकता है। ग्रामीणों का आश्वासन है कि अगर मुख्यमंत्री इस घोषणा को पूरा करते हैं, तो इससे उनके गांव का समग्र विकास होगा और यह बिहार के एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा।

- Advertisement -
RELATED ARTICLES

Most Popular