सहरसा के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय परिसर में बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग द्वारा एक दिवसीय नियोजन मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग मंत्री रत्नेश सादा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सहरसा के विधायक डॉ. आलोक रंजन, जदयू जिलाध्यक्ष चंदेश्वरी मुखिया, आनंदी मेहता और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
दो हजार पदों के लिए 33 कंपनियों की भागीदारी
सहरसा के जिला श्रम नियोजन पदाधिकारी भरतजी राम ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में यह दूसरा नियोजन मेला है। पिछले मेला में 542 युवाओं को रोजगार मिला है। वर्तमान मेला में इस बार 33 निजी कंपनियां लगभग दो हजार रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आई हैं।
युवाओं का उत्साह और सवाल
हालांकि, मेले के दौरान एक बेरोजगार युवक ने इसे दिखावा करार दिया। उसने आरोप लगाया कि कुछ कंपनियां बहाली के नाम पर चार से पांच हजार रुपये की मांग करती हैं और पैसे न देने पर नौकरी नहीं मिलती। युवक ने शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने का भी दावा किया।
मंत्री और विधायक का भरोसा
मंत्री रत्नेश सादा ने युवाओं को आश्वासन देते हुए कहा कि यह मेला प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संकल्प का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार 542 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
वहीं, भाजपा विधायक डॉ. आलोक रंजन ने मेले को सफल बताते हुए कहा कि इस तरह की पहल से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने इसे सहरसा के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
नियोजन मेले का उद्देश्य
इस मेले का मुख्य उद्देश्य जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इस प्रकार की पहल न केवल युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि स्थानीय विकास को भी गति देगी।




