फंसे हुए लोगों में एक परिवार के दो बच्चे और दो बड़े शामिल थे। लिफ्ट दूसरे और पहले फ्लोर के बीच में फंसी थी। बिशनपुर थाना क्षेत्र के रुपौली गांव निवासी मनोज राम ने बताया कि मेरे परिवार के दो बड़े और दो बच्चे भी लिफ्ट में फंसे थे।
लगभग 25 मिनट बाद लिफ्ट को मैन्युअली तीसरे तल्ले पर उतारकर सभी व्यक्ति को बाहर निकला गया। हालांकि सभी सुरक्षित हैं। सभी सर्जिकल वार्ड में भर्ती अपने पेशेंट से मुलाकात करने पहुंचे थे।
DMCH के सर्जिकल भवन में फंसे लिफ्ट को ऊपर लाने का प्रयास करते कर्मी।
DMCH के सर्जिकल भवन में फंसे लिफ्ट को ऊपर लाने का प्रयास करते कर्मी।
लिफ्ट के अंदर मोबाइल कर रहा था काम
बताया कि जैसे ही सभी लिफ्ट के पास ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचे तो 6 लोग लिफ्ट पर सवार हो गए। दरवाजा बंद करने के बाद ऊपर चढ़ते समय लिफ्ट अचानक रुक गई। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों हुआ। लिफ्ट में फंसे छह लोगों में से चार एक ही परिवार के थे। उनका एक परिजन मनोज राम बाहर ही था। हालांकि लिफ्ट के अंदर मोबाइल फोन काम कर रहा था, जिससे अंदर फंसे लोगों ने अपने परिजनों को इसकी सूचना दी।
बता दें कि नए सर्जिकल भवन में कुल चार लिफ्ट हैं। सभी फंक्शनल भी हैं, लेकिन आए दिन लिफ्ट में तकनीकी खराबी आती रहती है। लिफ्ट के संचालन के लिए खास व्यक्ति की तैनाती भी नहीं रहती है। जिसकी वजह से गांव देहात से आने वाले लोगों को लिफ्ट में उचित विकल्प के बटन का चयन करने में परेशानी होती है।
DMCH की अधीक्षक डॉ अलका झा ने बताया कि लिफ्ट खराब होने की जानकारी मिली है। हालांकि इसमें फंसे लोगों को बाहर सुरक्षित निकाल लिया गया है। कुछ तकनीकी गड़बड़ी के कारण खराबी आई होगी। इसकी जांच कर दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया है।





