सहरसा के सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र में हाल ही में धर्मांतरण को लेकर हुए विवाद के बाद यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया है। इस कड़ी में बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री और छातापुर विधानसभा से बीजेपी विधायक नीरज कुमार बबलू ने राजस्थान सरकार द्वारा धर्मांतरण पर पारित प्रस्ताव की सराहना करते हुए बिहार में भी ऐसे कानून की आवश्यकता पर बल दिया।
सहरसा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री बबलू ने कहा कि बिहार में धर्मांतरण का कार्य तेजी से बढ़ रहा है। खासकर गरीब और पिछड़े इलाकों में लोगों को प्रलोभन देकर, बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक विवाद और दंगे का कारण बन रहा है।
मंत्री ने सुझाव दिया कि जो लोग धर्मांतरण का काम करते हैं, उन्हें मिलने वाले सरकारी लाभ पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की।
धर्मांतरण के कारण बढ़ रहे विवाद मंत्री नीरज बबलू ने कहा कि धर्मांतरण के चलते दूसरे धर्म में जाकर शादी करने और सामाजिक तनाव बढ़ने के कई मामले सामने आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समस्या को रोकने के लिए कानून बनाना अति आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि धर्मांतरण पर रोक लगाने वाला कानून विवादों को कम करेगा और सामाजिक शांति को बढ़ावा देगा।
राजस्थान से बिहार को भी लेनी चाहिए प्रेरणा प्रेस वार्ता में बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में मंत्री ने राजस्थान सरकार के धर्मांतरण विरोधी प्रस्ताव का समर्थन किया और कहा कि बिहार जैसे राज्यों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धर्मांतरण पर रोक लगाने से न केवल सामाजिक संतुलन बना रहेगा, बल्कि गरीब और असहाय लोगों का शोषण भी रोका जा सकेगा।
धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को देखते हुए बिहार में इस मुद्दे पर सियासी हलचल तेज हो गई है। अब देखना है कि सरकार इस दिशा में क्या कदम उठाती है।




