दरभंगा : दरभंगा एयरपोर्ट पर विमानों की लेटलतीफी से यात्रियों में आक्रोश बढ़ा, अब पटना जाने लगे हैं लोग
विमानों को रद्द कर दिए जाने या लेट आने से कई यात्री अब पटना एयरपोर्ट का रुख करने लगे हैं। मधुबनी जिले के भटसिमर गांव के कार्तिक कुमार झा बेंगलुरु में रहते हैं। उन्होंने फोन पर कहा कि पर्व में विमान का किराया इतना बढ़ गया है कि हमें अपने परिवार के साथ पटना से टिकट कटाना पड़ रहा है। वैसे भी दरभंगा में विमानों का कोई ठिकाना नहीं रहता है। ऊपर से मनमाना किराया भी है। बता दें कि शनिवार को दिल्ली की फ्लाइट रद्द कर दिए जाने पर यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा किया था।
नगर विधायक और दरभंगा एयरपोर्ट सलाहकार समिति के सदस्य संजय सरावगी ने कहा कि स्पाइसजेट कंपनी दरभंगा एयरपोर्ट को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार को इस बात को गंभीरता से लेना चाहिए। उड़ान योजना के तहत दरभंगा एयरपोर्ट देश में नंबर वन है। फिर भी यहां लगातार स्पाइसजेट के विमान या तो देर से आ रहे हैं या फिर रद्द कर दिए जा रहे हैं। ऐसा पिछले 6 महीने से हो रहा है। इससे मिथिला के यात्रियों में दरभंगा एयरपोर्ट के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है। इसमें अवलंब सुधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने पिछली बैठक में भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। साथ ही उन्होंने कहा कि यहां अन्य विमानन कंपनियों को भी मौका मिलना चाहिए।
उड़ान से बाहर हो चुकी है स्पाइसजेट- सांसद
दरभंगा एयरपोर्ट सलाहकार समिति के अध्यक्ष और सांसद गोपालजी ठाकुर ने कहा कि स्पाइसजेट का तीन साल का करार खत्म हो चुका है, इसलिए वह उड़ान योजना से बाहर हो चुकी है। अन्य कंपनियों की ओर से दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू करने के लिए अभी आवेदन नहीं मिला है। सांसद ने कहा कि उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू तथा विभागीय सचिव से दिल्ली में मुलाकात कर दरभंगा एयरपोर्ट की समस्याओं से विस्तार से अवगत कराया है। उनसे स्पाइसजेट के बारे में भी चर्चा हुई है। सांसद ने कहा कि दरभंगा में 576 करोड़ से नया टर्मिनल भवन बनाने का काम शुरू हो गया है। इसके बन जाने के बाद सभी तरह की समस्याएं दूर हो जाएंगी।
विमानों की लेटलतीफी की जांच की मांग
डिविजनल चैंबर ऑफ कॉमर्स, दरभंगा के अध्यक्ष पवन कुमार सुरेका, निवर्तमान अध्यक्ष अजय कुमार पोद्दार, प्रधान सचिव सुशील कुमार जैन, उपाध्यक्ष कृष्णदेव शाह, सचिव अभिषेक चौधरी व कोषाध्यक्ष मुकेश खेतान ने बयान जारी कर विमानों की लेटलतीफी एवं रद्द करने के मामले की सरकार से जांच कराने की मांग की है। चेंबर ने स्पाइसजेट कंपनी को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि क्यों दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को तीन-तीन, चार-चार घंटे एयरपोर्ट पर बैठाया जाता है। मनमाने ढंग से जब चाहे फ्लाइट को रद्द कर दिया जाता है। प्राय रोज विमानों को पांच-सात घंटे विलंब से चलाया जाता है। इस विलंब अवधि में यात्रियों को भोजन भी उपलब्ध नहीं करवाया जाता है। यहां की जनता जानना चाहती है कि आखिर हमें स्पाइसजेट की इस घटिया सेवा से कब मुक्ति मिलेगी। एयर इंडिया जैसी कंपनियां कब सेवा देने के लिए यहां आएंगी। चार शहरों को छोड़कर अन्य शहरों के लिए यहां से सेवा कब शुरू की जाएगी।
