समस्तीपुर से सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि एससी आरक्षण में क्रीमी लेयर की बात हो रही है। मगर इस वर्ग को छुआछूत की वजह से ही आरक्षण दिया गया था। अगर आपकी जाचि को कभी भी भेदभाव का सामना करना पड़ा, आपके साथ जाति के आधार पर गलत हुआ या छुआछूत की गई, तो समाज में सामान्य प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए आरक्षण दिया गया।

उन्होंने कहा कि अब आप इसमें क्लास डिविजन या सब डिविजन लाने के प्रयास में हैं, तो यह सही नहीं है। अनुसूचित जाति में क्रीमी लेयर और नॉन क्रीमी लेयर कैसे हो सकती है। इसका आधार कुछ और है और आप उसे कुछ और प्रोजेक्ट करना चाह रहे हैं। शांभवी ने कहा कि आरक्षण का लाभ सामान्य है। ऐसा नहीं है कि किसी भी एक जाति को आरक्षण ज्यादा मिल रहा है और दूसरी को कम मिल रहा है। जातियों के आधार पर उस आरक्षण को आप उसको नहीं बांट सकते हैं। एससी आरक्षण का आधार कभी भी क्लास डिविजन नहीं दिया बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसले में ओबीसी रिजर्वेशन की तर्ज पर एससी और एसटी कोटे में भी सब कैटगरी बनाई जा सकती है। साथ ही राज्यों को एससी और एसटी वर्ग में क्रीमी लेयर बनाकर सामाजिक और आर्थिक रूप से समृद्ध लोगों को आरक्षण के दायरे से बाहर करने की भी बात कही गई।