तिलावे नदी की उड़ाही से किसानों और सहरसावासियों को राहत:जलजमाव की समस्या होगी दूर, 31 दिसंबर तक सिंचाई का कार्य होगा पूरा।
बिहार सरकार ने जल संसाधन विभाग के माध्यम से सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड से होकर गुजरने वाली तिलावे नदी की उड़ाही का कार्य शुरू कर दिया है। इस कार्य के लिए सरकार ने 12 करोड़ 35 लाख 73 हजार 540 रुपए की राशि स्वीकृत की है।
कुल 59.160 किलोमीटर लंबाई में नदी की गहराई और चौड़ाई बढ़ाकर गाद तथा अन्य अवरोधों को हटाया जा रहा है। इस कार्य के तहत नदी की 10 मीटर चौड़ाई और डेढ़ मीटर गहराई तक खुदाई की जा रही है। उद्देश्य है कि नदी में सालों भर पानी बना रहे।
31 दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य
इससे किसानों को सिंचाई की सुविधा निरंतर उपलब्ध होगी। साथ ही, नगर निगम क्षेत्र में बारिश के मौसम में जलजमाव की समस्या से मुक्ति मिलेगी। यह योजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 23 जनवरी 2025 को सहरसा में प्रगति यात्रा के दौरान घोषित की गई थी। जल संसाधन विभाग ने 3 जून 2025 से कार्य की शुरुआत कर दी है।
इसे 31 दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना की निगरानी ड्रेनेज डिवीजन राघोपुर के जूनियर इंजीनियर आनंद कुमार कर रहे हैं।
तिलावे नदी की उड़ाही का कार्य शुरू कर दिया है।
किसानों को होगी सुविधा
आनंद कुमार ने बताया कि यह कार्य न सिर्फ किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएगा। इससे पशुओं की सफाई और पीने के पानी की जरूरतें भी पूरी होंगी। शहर के लोगों को जलजमाव जैसी नियमित समस्या से भी राहत मिलेगी।
स्थानीय निवासी प्रफुल्ल कुमार ने सरकार की इस योजना की सराहना की है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर नदी की चौड़ाई 10 मीटर की बजाय 20 से 25 मीटर की होती, तो यह अधिक प्रभावी होता। अन्य लोगों ने भी गुणवत्तापूर्ण कार्य की आवश्यकता पर जोर दिया है।
उनका कहना है कि सही तरीके से कार्य होने पर यह योजना बेहद लाभकारी साबित होगी।तिलावे नदी की उड़ाही योजना किसानों और शहरी जनता दोनों के लिए एक बहुप्रतीक्षित राहत है। सरकार का यह प्रयास ग्रामीण और शहरी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
