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बिहार में बुजुर्ग का अपहरण.. फिर पीट-पीटकर हत्या, शव को वजीरगंज के खेत में गड्ढा खोदकर दफनाया।

अंधविश्वास में दी खौफनाक मौत: पुलिस जांच में सामने आया कि बिरजू मांझी पर ओझा-गुणी होने का शक था. आरोपियों ने बताया कि उनके परिवार में पिछले कुछ समय से एक के बाद एक चार मौतें हुई थीं. उन्हें विश्वास था कि बिरजू मांझी ने उनके घर पर टोटका किया, जिसके कारण ये मौतें हुईं. इसी शक के चलते उन्होंने बिरजू को पकड़ा और उसे बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला.

शव को छुपाने की साजिश: हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए वजीरगंज थाना क्षेत्र के एक खेत में गड्ढा खोदकर दफना दिया. इस तरीके से उन्होंने अपराध को छुपाने की कोशिश की ताकि कोई सुराग न मिल सके. हालांकि पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच ने उनकी इस साजिश को नाकाम कर दिया. शव की बरामदगी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया.

पुलिस ने महिला समेत दो को किया गिरफ्तार: गया के एसएसपी आनंद कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल का गठन किया. इस दल ने तुरंत छापेमारी शुरू की और अपराधियों के ठिकानों पर दबिश दी. पुलिस ने दो आरोपियों श्यामदेव मांझी और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया है. इनकी निशानदेही पर बिरजू मांझी का शव वजीरगंज के खेत से बरामद किया गया.

पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच:पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा, जहां इसकी जांच की जा रही है. फॉरेंसिक और टेक्निकल सेल की मदद से पुलिस इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या के सटीक कारणों और समय का पता चलने की उम्मीद है.

 

अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी: वजीरगंज के एसडीपीओ सुनील पांडे ने बताया कि पुलिस अन्य संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. इस मामले में शामिल सभी दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है. इस घटना ने स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश पैदा कर दिया है.

“ओझा-गुणी के शक में बिरजू मांझी की हत्या कर उसका शव खेत में दफना दिया गया था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो को गिरफ्तार कर लिया है. समाज में जागरूकता की कमी और ओझा-गुणी जैसे अंधविश्वास की वजह से ऐसी घटना को अंजाम दिया गया है.”

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