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दरभंगा : तीन दिवसीय चंद्रगुप्त साहित्य महोत्सव में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन:दरभंगा में 18-20 अक्टूबर को शुरू होगा कार्यक्रम, विजेताओं को बिहार राज्यपाल करेंगे पुरस्कृत

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय चंद्रगुप्त साहित्य महोत्सव 2024 की शुरुआत 18 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से होगी। जिसकी जानकारी चंद्रगुप्त साहित्य महोत्सव के सह-संयोजक राकेश कुमार झा द्वारा दी गई है।

इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया गया है कि महोत्सव का उद्घाटन बिहार राज्यपाल सह कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगा के कुलाधिपति राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर करेंगे। जिसको लेकर र विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी महाविद्यालय के प्रधान व समन्वयकों से अपने शिक्षकों, छात्र-छात्राओं, शोधकर्ताओं और प्रोफेसर को इस प्रतियोगिता के बारे में सूचित करने का अनुरोध किया है।

निबंध लिखकर ईमेल करेंगे प्रतिभागी

चंद्रगुप्त साहित्य महोत्सव सह-संयोजक राकेश कुमार झा ने बताया कि स्नातक तथा परास्नातक श्रेणी के लिए 2047 भविष्य के भारत की संकल्पना तथा शिक्षक, शोधकर्ताओं और प्राध्यापकों के लिए भारतीय इतिहास में स्व पुनर्जागरण विषय पर 10 अक्टूबर तक अपनी हिंदी में लिखी आलेख को कम से कम 2000 शब्दों में। वहीं, शिक्षक, शोधकर्ता व प्रोफेसर कम से कम 3000 शब्दों में info@chandraguptlifest पर भेज सकते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 100 रुपए का शुल्क जमा करके ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अभ्यर्थी स्वयं https://www.chandraguptlitfest.com/ पर जाकर कर सकते हैं। प्रतियोगिता के दोनों श्रेणियों में शामिल शीर्ष तीन-तीन श्रेष्ठ लेख के लिए बिहार के राज्यपाल पुरस्कृत करेंगे।

10 अक्टूबर तक जमा करना होगा निबंध

राकेश झा जानकारी देते हुए आगे ने बताया कि इसको लेकर विश्वविद्यालय से संबंध में सभी महाविद्यालय और विभाग के अधिकारियों को आमंत्रण पत्र भेजा गया है। प्रतिभागियों ने अपना रजिस्ट्रेशन करना शुरू कर दिया है। दोनों ही विषयों के निबंध लिखकर 10 अक्टूबर तक अभ्यर्थियों को ऑनलाइन जमा कर देना है। बता दें कि विश्वविद्यालय के इस तीन दिवसीय चंद्रगुप्त साहित्य महोत्सव 2024 के आयोजन को सफल बनाने के लिए जोर-जोर से तैयारी कर रही है। इसमें दरभंगा जिला के अलावे समस्तीपुर मधुबनी, सहरसा और सुपौल जिले के महाविद्यालय के अभ्यर्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। जिसमें महाविद्यालय के छात्र- छात्राए, शिक्षक, प्रोफेसर और शोधकर्ता शामिल हैं।

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