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इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास और अमृत भारत स्टेशनों के कार्य में तेजी लाना हमारी प्राथमिकता में शामिल।

समस्तीपुर-दरभंगा दोहरीकरण परियोजना सहित अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा की

पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने मुख्यालय में निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में अपर महाप्रबंधक अमरेन्द्र कुमार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण (उत्तर) राम जन्म, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण (दक्षिण) रामाश्रय पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

बैठक में पीपीटी के माध्यम से महाप्रबंधक को निर्माण विभाग की उपलब्धियों और भविष्य के लक्ष्यों की जानकारी दी गई। महाप्रबंधक ने मुजफ्फरपुर-सुगौली, सुगौली-बाल्मिकीनगर, समस्तीपुर-दरभंगा दोहरीकरण परियोजना, हाजीपुर-सगौली, अररिया-सुपौल, अस्थावां-बरबीघा, कोडरमा-तिलैया नई लाइन परियोजना, टोरी-शिवपुर तीसरी लाइन, गोमो फ्लाईओवर और सिन्द्री यार्ड रिमॉडलिंग सहित कई निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

 

उन्होंने कहा कि रेलवे के हर क्षेत्र में नई तकनीक का अधिकतम उपयोग जरूरी है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष जताया। साथ ही सभी परियोजनाओं को तय समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित और गहन मॉनिटरिंग होनी चाहिए। आरओबी, आरयूबी और बाईपास के निर्माण पर भी जोर दिया ताकि रेल और सड़क यातायात बिना रुकावट जारी रह सके।

पूर्व मध्य रेल ने वर्ष 2024-25 में 44 किलोमीटर नई लाइन और 73 किलोमीटर दोहरीकरण परियोजना के तहत कुल 117 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा किया। इसी अवधि में 7 आरओबी और 19 आरयूबी का निर्माण भी पूरा हुआ। 30 नए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, 122 रूट किलोमीटर पर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिगनलिंग और 149 रूट किलोमीटर रेलखंड पर ‘कवच’ की कमीशनिंग की गई।

 

वर्ष 2025-26 में 90 किलोमीटर नई लाइन और 184 किलोमीटर दोहरीकरण परियोजना के तहत कुल 274 किलोमीटर कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पूर्व महाप्रबंधक श्री सिंह ने विभागाध्यक्षों, मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक एवं अन्य अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की। इस बैठक में महाप्रबंधक द्वारा पूर्व मध्य रेल पर चल रहे यात्री सुविधा एवं आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।

 

समीक्षा बैठक में महाप्रबंधक ने कहा कि हमें रेलवे के प्रत्येक क्षेत्र में नई तकनीक का ज्यादा-से-ज्यादा प्रयोग करना होगा ताकि लोगों की अपेक्षा पर खरे उतरते हुए उन्हें बेहतर परिणाम दे सकें। महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने कहा कि गाड़ियों का समय-पालन, इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास एवं विस्तार, अमृत भारत स्टेशनों के कार्य में तेजी लाने, माल लदान, राजस्व में वृद्धि, स्वच्छता एवं कर्मचारी कल्याण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखा जाएगा।

 

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